खामेनेई के जनाजे के बीच अमेरिका ने मचाई तबाही, 90 सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले, 14 लोगों की मौत और 78 घायल; बदले की आग में जल रहा ईरान
ट्रंप के ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने के ऐलान के बाद से स्थिति और खराब होती जा रही है। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। ईरान में अमेरिकी के ताबड़तोड़ हमले में 14 लोगों की मौत और 78 घायल बताए जा रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका द्वारा लगातार दो दिनों तक ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ईरान अपने पूर्व सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को करीब तीन महीने बाद दफनाने की तैयारी कर रहा था। नए पैमाने पर शुरू हुए इस हवाई हमलों ने खाड़ी देशों के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। ईरान में US के हमलों में 14 लोगों की मौत हो गई है जबकि 78 घायल बताए जा रहे हैं। जवाब में ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने के ऐलान के बाद से स्थिति और खराब होती जा रही है। अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर भारी सैन्य हमले कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ने चाबहार, बंदर अब्बास, अबू मूसा द्वीप, बुशहर सहित ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों की चपेट में आम लोग भी आए हैं।
ईरान ने जारी किया मरने वालों का आंकड़ा
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केर्मनपुर ने गुरुवार को X पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। यह पहला मौका है जब हालिया हमलों के बाद ईरान सरकार ने हताहतों का आंकड़ा सार्वजनिक किया है।
ईरान के इन शहरों को अमेरिकी सेना ने बनाया निशाना
पोस्ट में लिखा है, युद्धविराम लागू रहने के दौरान, 8 और 9 जुलाई, 2026 को अमेरिका ने ईरान के पांच प्रांतों पर हमले किए; इन हमलों में अब तक 14 लोग शहीद हुए हैं और 78 घायल हुए हैं। घायलों में से 47 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बाकी घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। अमेरिकी सेना ने चाबहार, बंदर अब्बास, अबू मूसा द्वीप और बुशहर सहित महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया
दो दिन लगातार लगातार ईरान को किया धुआं-धुआं
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान के 90 ठिकानों पर हमले किए, जबकि मंगलवार को 80 ठिकानों को निशाना बनाया था। ईरानी मीडिया के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी ईरान के गोलेस्तान प्रांत में एक रेलवे पुल पर भी बमबारी की गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि मशहद जाने वाले रास्ते पर दो पुलों पर हमले किए गए, जहां अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को दफनाया जाना था। एक और उनके जनाजे में जनसैलाब उमड़ा था तो दूसरी अमेरिका उसी समय ईरान शहरों को निशाना बना रहा था।
CENTCOM ने जारी किया हमले का वीडियो
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि करते हुए ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज जारी किए, जिनमें हवाई अड्डों के रनवे और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने के दृश्य दिखाए गए हैं। अमेरिका का दावा है कि हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। ईरान द्वारा ओमान के तट के पास कई वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद ही ये हमले किए गए।
ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में किया हमला
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर हमला बोल दिया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन और कुवैत पर हमलों का दावा किया है। बहरीन में कम से कम दो बार एयर रेड सायरन बज चुके हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है। कुवैत की सेना ने बयान जारी कर कहा कि वह ड्रोन और मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। IRGC ने कतर में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि इन तीनों देशों में फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 9 July 2026 at 15:18 IST