अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance पहुंचे पाकिस्तान, ईरान के साथ होगी शांति वार्ता, पहले पीएम शहबाज से मुलाकात

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस एयर फोर्स टू विमान से पाकिस्तान पहुंच गए हैं। वे ईरान के साथ शांति वार्ता करने के लिए इस्लामाबाद आए हैं। ट्रंप प्रशासन का यह बड़ा कदम दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए उठाया गया है। पाकिस्तान इस वार्ता की मेजबानी कर रहा है। पूरी दुनिया इस अहम बैठक पर नजरें टिकाए हुए है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance पहुंचे पाकिस्तान | Image: AP

Iran-US Peace Talk: अमेरिकी वायुसेना का विशेष विमान एयर फोर्स टू पाकिस्तान में लैंड हो गया है। इसमें सवार होकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ईरान के साथ शांति वार्ता करने पहुंचे हैं। अमेरिका की तरफ से डोनाल्ट ट्रंप के करीबी इस वार्ता में शामिल होने आ रहे हैं।

अमेरिका की तरफ से 4 लोगों का प्रतिनिधिमंडल ईरान से बातचीत करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है। जिसे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस लीड करेंगे। इसके अलावा ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जारेड कुशनर, पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तय कार्यक्रम के मुताबिक पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति डील पर चर्चा शुरू होगी। ट्रंप प्रशासन के इस बड़े कदम का मकसद अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकना है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बैठकें हो रही हैं।

सकारात्मक बैठक की उम्मीद

उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने अमेरिका से रवाना होते समय पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक रहेगी और ईरान अगर अच्छे इरादे से आगे आएगा, तो अमेरिका भी हाथ बढ़ाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी भी दी कि अगर ईरान कोई चालाकी करने की कोशिश करेगा तो अमेरिकी टीम सख्त रहेगी।

पाकिस्तान इस वार्ता की मेजबानी कर रहा है। इस्लामाबाद शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हजारों सैनिक और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात हैं।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?

ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात ही पाकिस्तान पहुंच गया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं।

  • अब्बास अराघची, विदेश मंत्री
  • मोहम्मद बगेर जोलघाद्र, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव
  • अली अकबर अहमदीन, रक्षा परिषद के सचिव
  • अब्दोलनासेर हेम्मती, ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर
  • ईरानी संसद के कई और सदस्य

क्यों हो रही है ये बातचीत?

कुछ समय पहले अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद अस्थायी सीजफायर हुआ। अब दोनों पक्ष स्थायी शांति के लिए सीधे बातचीत कर रहे हैं। इसमें ईरान की मांगों और अमेरिका की शर्तों पर चर्चा होगी। ये ऐतिहासिक मौका माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच इतने ऊंचे स्तर पर सीधी बातचीत लंबे समय बाद हो रही है। पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 April 2026 at 11:53 IST