अपडेटेड 20 March 2026 at 10:41 IST
खिसियानी बिल्ली, खंभा नोचें! तुलसी गाबर्ड ने न्यूक्लियर प्रोगाम को बताया खतरा, तो तिलमिलाया पाकिस्तान, कहा- भारत की मिसाइलें...
Pakistan news: पाकिस्तान ने अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बताया। बयान से खिसियाए पाकिस्तान ने फिर भारत को घसीट लिया।
Pakistan news: अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख (Director of National Intelligence) तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बताया। इस पर अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस दौरान पाकिस्तान ने हर बार की तरह इस बार भी भारत को बीच में घसीट लिया और यह कहने लगा कि असली चिंता का विषय भारत की बढ़ती मिसाइल क्षमताएं हैं।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा है कि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह रक्षात्मक यानी अपनी रक्षा के लिए है, जो दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए है।
उन्होंने आगे कहा कि ठीक इसके विपरीत भारत द्वारा 12,000 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाली मिसाइल विकसित करना क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताओं से कहीं अधिक व्यापक महत्वाकांक्षा को दिखाता है। यह न केवल पड़ोसी देशों (दक्षिण एशिया) बल्कि उससे दूर स्थित क्षेत्रों के लिए भी गंभीर चिंता का कारण है।
तुलसी गबार्ड ने उठाए थे सवाल
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर (DNI) तुलसी गैबार्ड ने चेतावनी दी कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान, अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरे हैं।
दरअसल, तुलसी गबार्ड ने 2026 का एनुअल थ्रेट असेसमेंट (ATA) पेश किया, जिसमें US इंटेलिजेंस कम्युनिटी (IC) ने पाकिस्तान की बढ़ती मिलिट्री क्षमताओं, इलाके में अस्थिरता में उसकी भूमिका और आतंकवाद के लगातार खतरे से जुड़े कई जरूरी एरिया की पहचान की है। रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है कि पाकिस्तान कई तरह के एडवांस्ड मिसाइल डिलीवरी सिस्टम पर रिसर्च और उन्हें डेवलप कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) शामिल हो सकती हैं, जिनकी रेंज अमेरिका तक हमला करने में सक्षम है।
भारत की भी आई प्रतिक्रिया
तुलसी गबार्ड के परमाणु खतरे वाले बयान पर भारत का रिएक्शन भी आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि पाकिस्तान का चोरी-छिपे परमाणु कार्यक्रम चलाने का इतिहास पुराना रहा है। यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 20 March 2026 at 10:41 IST