'इजरायल पर एक दिन भी भरोसा नहीं...', ट्रंप के दबाव में अब्राहम समझौते से शामिल होगा पाकिस्तान? ख्वाजा आसिफ का आया जवाब

Khawaja Asif on Abraham Accords: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने का आह्वान किया है। इससे पाकिस्तान की मुसीबतें बढ़ गई हैं।

ट्रंप की मांग पर पाकिस्तान | Image: X

Pakistan on Trump's Proposal To Join Abraham Accords: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को अजीब मुसीबत में डाल दिया है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों से इजरायल से रिश्ते सामान्य करने वाले अब्राहम समझौते में शामिल होने को कहा है। पाकिस्तान ने ट्रंप की इस मांग को ठुकरा दिया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हमारा रुख बहुत साफ है कि यह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है।

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा? 

पाकिस्तानी चैनल समा टीवी को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मुझे नहीं लगता है किहमें ऐसे किसी समझौते में शामिल होना चाहिए, जो हमारी मूल विचारधाराओं से टकराता हो। उन्होंने कहा कि आप उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता?

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान की पासपोर्ट नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी इजरायल को मान्यता नहीं देता। हमारे पासपोर्ट पर हम दुनिया के ऐसे इकलौते देश हैं, जिनके पासपोर्ट में इजरायल का नाम भी शामिल नहीं है।

सऊदी अरब ने भी किया इनकार

पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब ने भी ट्रंप को झटका दिया है। सऊदी ने ट्रंप की मांग को खारिज करते हुए कहा कि जब तक फलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता नहीं मिलती, तब तक इजरायल संग संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।

ट्रंप ने क्या कहा? 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से मांग की कि रियाद और दोहा हस्ताक्षरों की अगली लहर का नेतृत्व करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शामिल होने से इनकार करना 'बदनीयती' का संकेत होगा। ट्रंप ने लिखा, “इसकी शुरुआत सऊदी अरब और कतर द्वारा तत्काल हस्ताक्षर करने से होनी चाहिए, और बाकी सभी को भी उनको फॉलो करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें इस सौदे का हिस्सा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह उनकी बुरी मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही हमारा दस्तावेज हस्ताक्षरित हो जाएगा, वे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को अब्राहम समझौतों का हिस्सा बनते देखकर खुद को सम्मानित महसूस करेंगे।”

अब्राहम समझौता (Abraham Accords) अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और कई अरब देशों के बीच हुआ एक ऐतिहासिक राजनीतिक समझौता है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करके, इजरायल और अरब राष्ट्रों के बीच राजनयिक, व्यापारिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाना है। इस समझौते की घोषणा साल 2020 में हुई थी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन इस समझौते के तहत इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने वाले पहले देश बने। बाद में सूडान और मोरक्को भी इस समझौते में शामिल हुए।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 26 May 2026 at 11:36 IST