अपडेटेड 2 January 2026 at 19:30 IST
'वक्त आ गया है, पाकिस्तान को उखाड़ फेंको...', पाक के अंदर से ही किसने भेजा जयशंकर को खत? लिखा- चीन भी तैनात करने वाला है अपनी सेना
बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे एक खत में चेतावनी दी है कि चीन अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में अपनी मिलिट्री फोर्स तैनात कर सकता है।
बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे एक खत में चेतावनी दी है कि चीन अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में अपनी मिलिट्री फोर्स तैनात कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम चीन-पाकिस्तान गठबंधन के और गहराने का एक खतरनाक संकेत होगा।
उन्होंने लिखा है कि बलूचिस्तान के लोगों ने पिछले 69 सालों से पाकिस्तान के सरकारी कब्जे, सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन को सहा है। अब समय आ गया है कि इस नासूर बीमारी को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि हमारे देश में स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।
बलूच नेता ने क्या-क्या लिखा?
पत्र में कहा गया है, "अगर बलूचिस्तान की रक्षा और आजादी की ताकतों की क्षमताओं को और मजबूत नहीं किया गया और अगर उन्हें लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न के अनुसार नजरअंदाज किया जाता रहा, तो यह मुमकिन है कि चीन कुछ ही महीनों में बलूचिस्तान में अपनी मिलिट्री फोर्स तैनात कर दे। 6 करोड़ बलूच लोगों की मर्जी के बिना बलूचिस्तान की जमीन पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी, भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए एक अकल्पनीय खतरा और चुनौती होगी।"
चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चिंता जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान और चीन के बीच रणनीतिक गठबंधन CPEC के आखिरी चरणों में पहुंच गया है, जिससे स्थिति और खतरनाक हो गई है। उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस, आपसी सहयोग का आह्वान किया, यह तर्क देते हुए कि दोनों के सामने आने वाले खतरे वास्तविक हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ
जयशंकर को भेजे गए नए साल के मैसेज में बलूच नेता ने उन कदमों की तारीफ की, जिन्हें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 में भारत सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उठाए गए साहसी और पक्के कदम बताया। इस ऑपरेशन ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के अड्डों को खत्म कर दिया था। मीर बलूच ने इन कदमों को भारत की मिसाल कायम करने वाली हिम्मत और क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के प्रति पक्की प्रतिबद्धता का सबूत बताया।
उन्होंने लिखा, "हम पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए साहसिक और पक्के कदमों की तारीफ करते हैं, खासकर पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद के अड्डों को निशाना बनाने और पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ की गई कार्रवाई की। ये कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के प्रति असाधारण साहस और पक्की प्रतिबद्धता दिखाते हैं।"
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 2 January 2026 at 19:30 IST