PoK में गूंजा विरोध का बिगुल...अत्याचार के खिलाफ आर-पार की जंग के लिए सड़कों पर उतरे लाखों लोग, शहबाज-मुनीर को दिया क्‍लियर एंड लाउड मैसेज

JAAC अपने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग कर रहा है। इसके अलावा, क्षेत्र में बुनियादी खाद्य पदार्थों और जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है।

PoK Protest | Image: AP

PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर असंतोष की आग भड़क उठी है। यहां हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर रविवार, 5 जुलाई 2026 को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होने वाला है, जिसमें लाखों लोगों के जुटने की संभावना है।

क्यों हो रहा प्रदर्शन? 

ताजा तनाव की मुख्य वजह प्रशासन द्वारा नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं की धरपकड़ है। JAAC अपने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग कर रहा है। इसके अलावा, क्षेत्र में बुनियादी खाद्य पदार्थों और जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर राशन और दवाइयों की सप्लाई चेन को ब्लॉक कर दिया है।

JAAC के कोर मेंबर सरदार अमन खान ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस मुश्किल वक्त में नियंत्रण रेखा (LoC) के दूसरी तरफ यानी भारतीय क्षेत्र के पुंछ, मेंढर, राजौरी, जम्मू, कश्मीर घाटी और लद्दाख के लोगों से भी एकजुटता दिखाने और इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

पाकिस्तानी सरकार पर भड़का गुस्सा

एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए JAAC नेता और अधिवक्ता मेहराह ख्वाजा ने पाकिस्तान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद लंबे समय से PoK के प्राकृतिक संसाधनों का बेरहमी से दोहन कर रहा है, लेकिन जब स्थानीय लोग अपने हक की बात करते हैं, तो उनकी शिकायतों को दूर करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जाता है।

क्षेत्र में बुनियादी चीजों जैसे बिजली, आटा और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, पाकिस्तानी हुकूमत ने इन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है। इन सब वजहों से आम जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नेताओं ने ब्रिटेन (लंदन और बर्मिंघम) में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों से भी अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस दमन को उजागर करने के लिए सड़कों पर उतरें।

मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता

PoK में होने वाले क्षेत्रीय चुनावों से ठीक पहले बदले इस माहौल पर वैश्विक मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण राजनीतिक असंतोष को दबाने के लिए क्रूर हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करते हुए जन आंदोलन चलाने वाली संस्था 'JAAC' को एक प्रतिबंधित संगठन (Proscribed Organisation) घोषित कर दिया है, जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 5 July 2026 at 11:34 IST