युद्ध बंद है, ना बम गिर रहे ना ही मिसाइल फिर भी खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक से पहले ईरान क्यों खोद रहा 3000 कब्रें, किस बात का डर, क्या है वजह?

Ali Khamenei Funeral: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर एक सप्ताह लंबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान तेहरान के एक कब्रिस्तान में अधिकारियों द्वारा हजारों कब्रें तैयार करने की खबर सामने आई है।

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ईरान में क्यों खोदी जा रही हजारों कब्रें? | Image: AP

Iran news: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद करीब एक हफ्ते लंबे राजकीय शोक और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्हें 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद में दफनाया जाएगा। इस बीच, जर्मन अखबार डी वेल्ट (Die Welt) की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम के बीच ही ईरानी अधिकारी गुपचाप ही हजारों कब्रें खोद रहे हैं।

हजारों मौत की क्यों है आशंका? 

दरअसल, अधिकारियों ने भयंकर अव्यवस्था, भीषण गर्मी और भारी भीड़ की वजह से 1,500 से 3,000 लोगों की मौत की आशंका जताई हैं। खामेनेई के अंतिम संस्कार में अगर भारी भीड़ जुटने की स्थिति में कोई हादसा हो या मृतकों का बड़ा आंकड़ा हो, ऐसी स्थिति में लोगों को आसानी से दफनाने के लिए इन कब्रों को तैयार किया जा रहा है।

डी वेल्ट ने ईरान रेड क्रेसेंट और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संगठन द्वारा उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ को लिखे गए एक अत्यंत गोपनीय पत्र का हवाला दिया है। इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के जानलेवा संयोजन से बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते हैं।

इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए तेहरान के सबसे बड़े कब्रिस्तान, बहिश्त-ए-जहरा (Behesht-e-Zahra) में हजारों नई कब्रें खोदकर तैयार कर ली गई हैं। नगर पालिका के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की है कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अगर भीड़ के दबाव में 3,000 तक मौतें भी होती हैं, तो व्यवस्था चरमराने नहीं चाहिए। मृतकों और लापता लोगों के प्रबंधन के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है।

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पहले भी हुए हादसे

दरअसल, ईरान सरकार की इन गुप्त तैयारियों के पीछे देश का पुराना और दर्दनाक इतिहास है। साल 2020 में कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार के दौरान करमान शहर में मची भगदड़ में कम से कम 56 लोगों की जान चली गई थी और 200 से अधिक घायल हुए थे।

साल 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खमैनी के जनाजे में भी भीड़ बेकाबू हो गई थी, जिसकी वजह से 8 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। ऐसे में प्रशासन किसी भी कीमत पर उस इतिहास को दोहराने से बचना चाहता है, खास तौर पर तब जब देश में राजनीतिक माहौल बेहद संवेदनशील है।

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2 करोड़ लोगों के शामिल होने के आसार

खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में लगभग 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। तेहरान के कट्टरपंथी मेयर अलीरेजा जकानी के नेतृत्व में 11,000 से अधिक बसें और मेट्रो सेवाएं 24 घंटे मुफ्त चलाई जा रही हैं। अनुमान है कि अकेले तेहरान में इस आयोजन का बजट करीब 15 मिलियन यूरो (लगभग 1.3 अरब रुपये) है।

यह अंतिम संस्कार यात्रा तेहरान से शुरू होकर कोम, नजफ, करबला और अंततः गुरुवार को मशहद में संपन्न होगी, जहां खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

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Published By:
 Ruchi Mehra
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