दो कुल्हाड़ियां, मोसाद और नाजी का नारा...किसने लिखी इन खूबसूरत राजकुमारियों के 'ब्लडबाथ' की खौफनाक स्क्रिप्ट? दहल गया पूरा यूरोप
नीदरलैंड्स में एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
Netherlands Royal Family Threat: नीदरलैंड्स में एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एक 33 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिस पर डच शाही परिवार की दो प्रमुख सदस्य-राजकुमारी कैथरीना-अमालिया (22 वर्ष) और राजकुमारी एलेक्सिया (20 वर्ष) की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। शुरुआती जांच में सामने आए सबूतों ने इस मामले को और भी भयावह बना दिया है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने संदिग्ध के पास से दो कुल्हाड़ियां बरामद कीं, जिन पर एलेक्सिया, मोसाद और सीग हील (नाजी अभिवादन) खुदे हुए थे। गिरफ्तारी के समय उसके पास एक हस्तलिखित नोट भी मिला, जिसमें अमालिया, एलेक्सिया और रक्तस्राव लिखा था। संदिग्ध व्यक्ति को धुर दक्षिणपंथी चरमपंथी माना जा रहा है। उसकी प्रारंभिक अदालती सुनवाई सोमवार सुबह होनी है।
पहले भी रची जा चुकी है हत्या की साजिश
भविष्य की डच रानी, राजकुमारी अमालिया पहले भी कई बार खतरों का सामना कर चुकी हैं। ड्रग गिरोहों पर उनके और पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रुट के अपहरण की साजिश रचने का आरोप लग चुका है। सुरक्षा कारणों से उन्हें 2022 में एम्स्टर्डम में अपना हॉस्टल भी छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उन्हें द हेग के महल में रहना पड़ा।
पढ़ाई पूरी करने के लिए अमालिया ने 2024 में गुपचुप तरीके से स्पेन के मैड्रिड में समय बिताया था। राजकुमारी अमालिया ने सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण होने वाली परेशानियों पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा, 'मुझे आम जिंदगी, एक स्टूडेंट की जिंदगी की याद आती है। सड़कों पर टहलना और दुकान पर जाना।' उनकी मां, रानी मैक्सिमा ने भी कहा है कि इन खतरों का उनकी बेटी की जिंदगी पर बहुत गहरा असर पड़ा है और वो अपनी मर्जी से बाहर नहीं निकल सकतीं।
‘कोनिंग्सडैग’ के बीच साहसिक संदेश
सुरक्षा खतरे के बावजूद, डच शाही परिवार ने राष्ट्रीय पर्व ‘कोनिंग्सडैग’ समारोह को रद्द नहीं किया। विलेम-अलेक्जेंडर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस दिन पर शाही परिवार ने जनता के बीच जाकर कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यह कदम एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि डर के आगे झुकना स्वीकार्य नहीं है।
ड्रग माफिया और पुरानी साजिशों का साया
नीदरलैंड्स में संगठित अपराध भी शाही परिवार के लिए खतरा बन चुका है। कुख्यात ड्रग लॉर्ड रिदुआन ताघी का नाम पहले भी संभावित खतरों में जुड़ चुका है, हालांकि उसने सीधे तौर पर किसी साजिश से इनकार किया था। ‘मारेन्गो ट्रायल’ के बाद उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन उसके नेटवर्क की पहुंच को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक साजिश नहीं, बल्कि यूरोप में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का संकेत है। राजकुमारी अमालिया ने खुद स्वीकार किया था कि सुरक्षा प्रतिबंधों ने उनकी “सामान्य जिंदगी” छीन ली है-न खुले में घूमना, न दोस्तों के साथ स्वतंत्र जीवन।
यह घटना केवल एक साजिश का मामला नहीं है, बल्कि यूरोप में बढ़ते चरमपंथ और संगठित अपराध के खतरनाक मेल का संकेत भी देती है। डच शाही परिवार पर बार-बार मंडराते खतरे यह दिखाते हैं कि आधुनिक लोकतंत्रों में भी उच्च-प्रोफाइल हस्तियां पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई और जांच से कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 3 May 2026 at 12:22 IST