Nepal Flood: 21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, 288 लोग से अभी भी कोई संपर्क नहीं, तलाश जारी- MEA
Nepal Flood: नेपाल में आई बाढ़ ने से भारी जान-माल का नुकसान हुआ। कुदरत के इस कहर से अभी तक प्रबंधन विभाग के मुताबिक 258 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, इस बाढ़ में 288 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal Flood: नेपाल में आई बाढ़ ने से भारी जान-माल का नुकसान हुआ। बाढ़ की वजह से पड़ोसी देश भीषण तबाही से गुजर रहा है। नेपाल आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 258 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अब भी 288 भारतीय समेत 640 से ज्यादा लोग लापता हैं।
नेपाल ने आई इस बाढ़ में भारत को भी नुकसान हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस आपदा में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, इस बीच यह भी खबर आई कि कैलाश मानसरोवर के लिए निकले 21 भारतीयों को नेपाल में सुरक्षित बचा लिया गया है।
288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं-MEA
नेपाल पर्यटकों का देश है। ऐसे में बड़ी संख्या में पर्यटक भी इस त्रासदी के शिकार हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 28 देशों के 644 पर्यटक फंसे हुए हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल एक कॉन्फ्रेंस में बताया कि '288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 भारतीय नागरिक शामिल हैं जो त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। काठमांडू में हमारा दूतावास इन लोगों के बारे में और जानकारी पाने के लिए प्रोजेक्ट हेड के संपर्क में है।
21 भारतीयों को नेपाल में सुरक्षित बचाया गया
इससे पहले विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि आपदा में अभी 178 भारतीय पर्यटक भी फंसे हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि तमिलनाडु के 21 लोगों को नेपाल में सकुशल बचा लिया गया है। ये सभी लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। ये सभी 21 लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं।
भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा
रणधीर जायसवाल ने कहा भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव मदद का प्रस्ताव भी दिया। जायसवाल ने बताया कि हम भारतीय पर्यटकों के रेस्क्यू को लेकर काठमांडू से लगातार संपर्क में हैं। अभी सबसे बड़ी समस्या है कि जहां त्रासदी हुई है, उस ऊपरी इलाके से लोगों को कैसे बचाया जाए।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 27 August 2026 at 16:57 IST