नेपाल त्रासदी के बीच भारत के लिए अच्छी खबर, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए 21 भारतीयों को किया रेस्क्यू
नेपाल में आई बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया है। पड़ोसी देश भीषण तबाही से गुजर रहा है। इस जलप्रलय में आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 258 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अब भी 178 भारतीय समेत 640 से ज्यादा लोग फंसे हैं। नेपाल की सेना अपनी पूरी क्षमता के साथ राहत कार्य में जुटी है।
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नेपाल में आई बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया है। पड़ोसी देश भीषण तबाही से गुजर रहा है। इस जलप्रलय में नेपाल आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 258 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अब भी 178 भारतीय समेत 640 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल की सेना अपनी पूरी क्षमता के साथ राहत कार्य में जुटी है। इस बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। कैलाश मानसरोवर के लिए निकले 21 भारतीयों को नेपाल में सुरक्षित बचा लिया गया है। यह जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय ने दी है।
नेपाल अपने इतिहास के सबसे भीषण जलप्रलय से गुजर रहा है। बुधवार 26 अगस्त को अचानक नेपाल के लिए सबसे दुखद खबर आई। जब रसुवा इलाके के भोटेकोशी नदी में ऊंची ऊंची लहरों के साथ भीषण बाढ़ा आई। नेपाल के करीब 50 किलोमीटर इलाके में सबकुछ तबाह हो गया। सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें आईं उसे देखकर दुनिया हैरान रह गई। इस भयंकर बाढ़ में घर, दुकान, होटल, कई बाजार सब तबाह हो गए। इस प्राकृतिक आपदा में ताजा आंकड़े के मुताबिक करीब 175 लोगों की मौत हो गई जबकि 644 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल पर्यटकों का देश है। ऐसे में बड़ी संख्या में पर्यटक भी इस त्रासदी के शिकार हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 28 देशों के 644 पर्यटक फंसे हुए हैं। इस आपदा में अभी 178 भारतीय पर्यटक भी फंसे हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि तमिलनाडु के 21 लोगों को नेपाल में सकुशल बचा लिया गया है। ये सभी लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हम भारतीय पर्यटकों के रेस्क्यू को लेकर काठमांडू से लगातार संपर्क में हैं। अभी सबसे बड़ी समस्या है कि जहां त्रासदी हुई है, उस ऊपरी इलाके से लोगों को कैसे बचाया जाए।
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रणधीर जायसवाल ने बताया कि 72 लोगों की एक टीम त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, जबकि दो अलग-अलग ग्रुप जिनमें एक 37 तो दूसरा 49 लोगों का था, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे, सभी फंसे हैं। इसके बारे में हम जानकारी जुटा रहे हैं।