'पाकिस्तान PoK को खाली करे और आतंकवाद को सपोर्ट करना बंद करे...', OIC को भारत की दो टूक, कहा- PAK अपने कट्टर एजेंडे के लिए कर रहा ओआईसी का इस्तेमाल
इराक की राजधानी बगदाद में ओआईसी की बैठक के दौरान भारत विरोधी टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय ने सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि OIC की बैठक में भारत के बारे में की गई बातें दुर्भावनापूर्ण, पक्षपाती और झूठी हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने प्रायोजित किया है। इस बीच MEA ने ओआईसी भी आड़े हाथों लिया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की बैठक के दौरान भारत विरोधी टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। सोमवार, 19 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय (MEA) ने दुर्भावनापूर्ण और अस्वीकार्य बताया। ये बैठक 17-18 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। भारत ने दुर्भावनापूर्ण, पक्षपाती और झूठा करार देते हुए कहा कि ओआईसी का इस्तेमाल पाकिस्तान ने अपने एजेंडे के लिए किया, जो किसी दुर्भावनापूर्ण से कम नहीं है।
पाकिस्तान को भारत का सख्त संदेश
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान में कहा कि "हम 17-18 अक्टूबर, 2026 को बगदाद में आयोजित OIC (इस्लामी सहयोग संगठन) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के प्रस्तावों में भारत-विरोधी बातों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। भारत के बारे में की गई ये बातें दुर्भावनापूर्ण, पक्षपाती और झूठी हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने प्रायोजित किया है। हमें निराशा है कि OIC ने एक बार फिर खुद को पाकिस्तान के कट्टर एजेंडे के लिए इस्तेमाल होने दिया है।"
भारत ने ओआईसी को लिया आड़े हाथों
बयान में आगे कहा कि "जैसा कि हमने पहले भी कहा है, OIC को भारत के पूरी तरह से आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार इस सच्चाई को कभी नहीं बदल सकता।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद के वर्षों में, जम्मू-कश्मीर ने काफी आर्थिक विकास देखा है। बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन और कनेक्टिविटी के जरिए यहां के लोगों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है। यह स्थिति PoJK (पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर) से बिल्कुल अलग है, जहां पाकिस्तान ने आम प्रदर्शनकारियों पर हिंसा, दमन और क्रूरता की है। वहां महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की जान ली गई है। मीडिया पर पाबंदी लगाकर भी मानवाधिकारों के इन गंभीर उल्लंघनों को छिपाया नहीं जा सका है।"
जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भारत सख्त
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर कहा कि "जम्मू-कश्मीर से जुड़े केवल दो ही मुद्दे हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए: पहला, पाकिस्तान का उन इलाकों को खाली करना जिन पर उसने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है; और दूसरा, सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद करना।"
PAK का समर्थन, मतलब OIC की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल
बयान में आगे कहा कि "OIC के प्रस्तावों में भारत के खिलाफ अन्य मनगढ़ंत और शत्रुतापूर्ण बातें, जिनमें 'इस्लामोफोबिया' (इस्लाम के प्रति डर या नफरत) से जुड़े आरोप भी शामिल हैं, पाकिस्तान की एक हताश कोशिश है। इसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय ध्यान अपने खुद के खराब रिकॉर्ड से हटाना चाहता है, जिसमें अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की विफलता और राजनीतिक अस्थिरता शामिल हैं।"
"पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार और नैरेटिव का OIC द्वारा बार-बार समर्थन करना, संगठन की विश्वसनीयता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हमें उम्मीद है कि इसके सदस्य बेहतर कदम उठाएंगे और इस संगठन में सुधार लाएंगे।"
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 19 October 2026 at 16:50 IST