अपडेटेड 10 March 2026 at 13:32 IST
Iran-Israel War: जंग के बीच ईरान ने लिया ये फैसला, अब बूंद-बूंद तेल को तरस जाएगी पूरी दुनिया, जानिए क्या है 'बाब-अल-मंदेब'?
Iran-Israel War: स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज के बंद होने के बाद अब खबर यह आ रही है कि ईरान बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को भी बंद करने का विचार कर रहा है। अब देखना यह है कि क्या इससे पुरी दुनिया को तेल की किल्लतों का सामना करना पड़ेगा?
Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। इज़रायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल मिसाइलों और ड्रोन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया की अर्थव्यवस्था की रगों में दौड़ने वाले 'ब्लैक गोल्ड' यानी कच्चे तेल तक पहुंच चुका है। ईरान अब दुनिया को तेल की एक-एक बूंद के लिए तरसाने की रणनीति बना रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते खतरे के बाद अब बाब-अल-मंदेबको लेकर जो खबरें आ रही हैं, उन्होंने वैश्विक बाजार में खलबली मचा दी है।
होर्मुज के बाद अब 'बाब-अल-मंदेब' पर तेहरान की नजर
तेहरान का 'वॉर रूम' अरब प्रायद्वीप के पास स्थित बेहद अहम समुद्री रास्ते 'बाब-अल-मंदेब' को बंद करने की योजना पर काम कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले से ही युद्ध की चपेट में आने के कारण लगभग ठप पड़ा है, ऐसे में अगर ईरान बाब-अल-मंदेब का रास्ता भी रोक देता है, तो यह वैश्विक ईंधन सप्लाई के लिए 'डेथ वारंट' जैसा साबित हो सकता है।
हमले जारी रहे तो जहाजों का रास्ता भी रोकेंगे
ईरान ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका और इजरायल उस पर हमले जारी रखते हैं तो ईरान बाब-अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों का रास्ता रोक सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता या दूसरे बड़े नेताओं को निशाना बनाया तो तेहरान इस विकल्प को लागू कर सकता है।
बाब-अल-मंदेब क्यों है दुनिया का लाइफलाइन?
बाब-अल-मंदेब केवल एक समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाली दुनिया की सबसे व्यस्त 'लाइफलाइन' है। यह स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर और हिंद महासागर को जोड़ता है। यह अरब प्रायद्वीप और अफ्रीका के बीच स्थित है। इतना ही नहीं, यह दुनिया का सबसे बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। इसे बंद करने का सीधा मतलब है यूरोप और एशिया के बीच के सबसे छोटे व्यापारिक मार्ग को काट देना है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही रुकी
जंग अब दूसरे हफ्ते में पहुंच चुकी है और इसका असर फारस की खाड़ी के तेल और गैस उत्पादन वाले इलाकों पर भी पड़ रहा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही पुर रोक लग गई है। जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
कई देशों में तेल और गैस निर्यात हुआ प्रभावित
यह मार्ग सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख देशों के लिए तेल और गैस निर्यात की जीवनरेखा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 10 March 2026 at 13:29 IST