पिता अली खामेनेई के जनाजे में शामिल नहीं होंगे मोजतबा खामनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर को किसका डर?
अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया था। हालांकि वह 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से अभी तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में दुनियाभर से लोग जुटने वाले हैं। हालांकि उनके अंतिम संस्कार में उनके बेटे और ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के शामिल होने की संभावना कम है। मोजतबा के जनाजे में शामिल न होने का फैसला सुरक्षा कारणों से लिया जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर के इंडिया रिप्रेजेंटेटिव आयतुल्ला हकीम इलाही ने यह जानकारी दी है।
क्यों पिता के जनाजे में शामिल नहीं होंगे मोजतबा?
अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया था। हालांकि वह 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से अभी तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उनके अपने पिता के जनाजे में शामिल होने की संभावना भी काफी कम मानी जा रही है।
इलाही ने मोजतबा के पिता के जनाजे में शामिल न होने के पीछे इजरायली धमकियों और निगरानी के गंभीर जोखिमों को मुख्य कारण बताया है। भले ही अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया और वार्ता जारी है, लेकिन इस बीच भी फिलहाल तनाव बरकार है। दूसरी ओर, इजरायल की ओर से लगातार उन्हें धमकियां दी जा रही है। हाल ही में इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने मोजतबा खामेनेई की हत्या की धमकी दी थी, जिस पर ईरान भड़क गया था।
हमले में घायल हुए थे मोजतबा खामेनेई
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। उनको चेहरे पर गंभीर चोट और पैर में घाव होने की बात सामने आई थी। मोजतबा के स्वास्थ्य पर तरह-तरह के दावे भी किए गए। हालांकि ईरान ने कहा है कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं।
बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान के कई शहरों में होगा। खामेनेई का पार्थिव शरीर 4 और 5 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला जाएगा। अधिकारियों ने इस दिन प्रांत में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। उन्हें 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद में अंतिम रूप से दफनाया जाएगा।
भारत की ओर से कौन जाएगा?
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) को पिछले सप्ताह अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था, लेकिन भारत ने इसके बजाय एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया। PM मोदी 6 से 11 जुलाई तक विदेश दौरे पर रहेंगे।
बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस समारोह के लिए उनके ईरान दौरे की पुष्टि कर दी है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 3 July 2026 at 08:09 IST