महबूबा मुफ्ती को लेने ईरान से आया स्पेशल प्लेन, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में होंगी शामिल, क्यों महत्वपूर्ण है यह यात्रा?
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती ईरान के स्पेशल प्लेन से तेहरान रवाना हुईं। वे अमेरिकी हमले में मारे गए पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। ईरान के नए लीडर मुजतबा खामेनेई के निमंत्रण पर जा रही मुफ्ती जम्मू-कश्मीर से इकलौती गैर-शिया नेता हैं।
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ईरान की राजधानी तेहरान जा रही हैं। वहां वे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी, जिनकी 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के बुलावे पर महबूबा मुफ्ती ईरान जा रही हैं। मोजतबा खामेनेई के कार्यालय से मुफ्ती को दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता का पदभार संभाला है।
अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ परिवार के कई सदस्यों की भी मौत हो गई थी। अब चार महीने बाद 6 जुलाई को तेहरान में उनका अंतिम संस्कार होगा। 3 जुलाई को भी विदाई समारोह रखा गया है।
मेहबूबा को क्यों बुलाया गया?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के ऑफिस से मेहबूबा को खास निमंत्रण मिला है। वे जम्मू-कश्मीर से इकलौती गैर-शिया नेता हैं जिन्हें यह निमंत्रण मिला। युद्ध के समय से ही मेहबूबा ईरान के पक्ष में खड़ी रहीं और अमेरिका-इजराइल का विरोध किया। उन्होंने पहले दिल्ली में ईरान दूतावास जाकर भी शोक व्यक्त किया था।
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ईरान सरकार ने मेहबूबा को विशेष सम्मान दिया है। ईरान के इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग के डायरेक्टर मोहसिन कुम्मी ने मुफ्ती को पत्र लिखकर कहा कि भारत और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को देखते हुए उन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
ईरान सरकार ने भेजा स्पेशल प्लेन
आज (2 जुलाई) दोपहर में मेहबूबा श्रीनगर से दिल्ली पहुंचीं। यहां से वे ईरान सरकार द्वारा भेजे गए स्पेशल प्लेन से तेहरान पहुंचेंगी। सामान्य उड़ानें उपलब्ध न होने के कारण ईरान ने मेहमानों के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की है। अंतिम संस्कार 6 जुलाई 2026 को तेहरान में होगा। इससे पहले 3 जुलाई को विदाई समारोह और 4 जुलाई को स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा।
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भारत की तरफ से कौन जाएगा?
भारत सरकार की तरफ से बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गरिटा आधिकारिक डेलिगेशन में शामिल होंगे। यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि मेहबूबा की ईरान नीति केंद्र सरकार की तटस्थ नीति से अलग रही।