अपडेटेड 15 January 2026 at 22:05 IST
Iran Protests: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच एक्शन में भारत सरकार, वहां फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए जल्द शुरू होगा ऑपरेशन
ईरान में बिगड़ते हालात और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने का बड़ा फैसला किया है।
Iran Protest: ईरान में बिगड़ते हालात और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने का बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को अर्जेंट एडवाइजरी जारी करके भारतीयों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को तेहरान से भारतीयों को लेकर नई दिल्ली के लिए पहली इवैक्युएशन फ्लाइट रवाना होगी।
जम्मू और कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने एक बयान जारी कर कहा, 'सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, भारतीय दूतावास ने उनके व्यक्तिगत विवरण और पासपोर्ट एकत्र कर लिए हैं और पहले बैच को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के लिए कहा गया है।' बताया गया कि सबसे पहले गोलिस्तान यूनिवर्सिटी, शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्रों को भारत वापस लाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की फाइनल लिस्ट गुरुवार देर रात तक जारी कर दी जाएगी। इससे पहले भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और देश छोड़ने की सलाह दी थी।
अलग-अलग इलाकों में भारतीय छात्रों से संपर्क
सूत्रों के मुताबिक, ईरान में बदलते हालात को देखते हुए, विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी कर रहा है जो भारत वापस आना चाहते हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने अलग-अलग इलाकों में भारतीय छात्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन देश छोड़ना चाहता है। हालांकि, यह काम फिजिकली किया जा रहा है, क्योंकि कई इलाकों में इंटरनेट सर्विस बंद हैं और फोन लाइनें रुक-रुक कर काम कर रही हैं।
'किसी भी मदद के लिए वे इंडियन एम्बेसी से संपर्क करें'
एडवाइजरी में कहा गया है, 'ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से रिक्वेस्ट है कि वे अपने ट्रैवल और इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स, जिसमें पासपोर्ट और ID शामिल हैं, अपने पास आसानी से रखें। उनसे रिक्वेस्ट है कि इस बारे में किसी भी मदद के लिए वे इंडियन एम्बेसी से संपर्क करें।' इसमें आगे कहा गया, 'यह दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और PIOS को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी डेवलपमेंट के लिए लोकल मीडिया पर नज़र रखनी चाहिए।' इससे पहले, ईरान में बढ़ती अशांति के बीच, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया था।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 15 January 2026 at 21:48 IST