'गलत फैसले की कीमत चुकानी पड़ेगी', होर्मुज बंद के ऐलान पर अमेरिका की ईरान को बड़ी चेतावनी; खाड़ी देशों में अलर्ट जारी
अमेरिका ने ईरान पर इस सप्ताह का तीसरा सैन्य हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर, यूएई समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों का निशाना बनाया है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने ईरान को खुली चेतावनी दी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के इस ऐलान के बाद अमेरिका ने ईरान पर इस सप्ताह का तीसरा सैन्य हमला शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर, यूएई समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों का निशाना बनाया है। इस बीच अमेरिकी ने ईरान को बड़ी धमकी दी है।
ईरान के द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर फायरिंग के बाद हालात फिर बिगड़ गए हैं। इन हमलों के जवाब में अमेरिका सेना शनिवार पूरा रात ईरान के कई शहरों पर भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि होर्मुज में व्यावसायिक कंटेनर जहाज पर हमला के जवाब में यह कार्रवाई की गई है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री ने दी ईरान को धमकी
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर अपने ताजा पोस्ट में ईरान को बड़ी धमकी दी है। ईरान के खिलाफ US के तीसरे दौर के मिलिट्री हमले पर US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने ट्वीट किया, "ईरान ने गलत फैसला किया। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।" वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिका पर शांति समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।
होर्मुज में जहाज पर हमले का अमेरिका ने लिया बदला
CENTCOM ने ईरान पर हमले की पुष्टि करते हुए अपने X पोस्ट में लिखा, होर्मुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज, M/V GFS गैलेक्सी पर IRGC के हमले के बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ हमले का तीसरा दौर शुरू किया। ये हमले कमांडर-इन-चीफ (CENTCOM) के निर्देश पर किए जा रहे हैं। ईरान के हमले के बाद चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता है और जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने समझौता शर्तों को तोड़ने का लगाया आरोप
वहीं, ईरान ने अमेरिका पर समझौता शर्तों को तोड़ने का आरोप लगया है। हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा है, समझौता (MOU) दोनों पक्षों की पारस्परिक जिम्मेदारी है और एक पक्ष से पालन की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती, जब दूसरा पक्ष अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी न करे। एमओयू के अनुसार ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक व्यावसायिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने पर सहमति जताई थी।
होर्मुज अगले आदेश तक बंद
ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का कड़ा और तत्काल जवाब दिया जाएगा।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 July 2026 at 11:06 IST