अपडेटेड 23 March 2026 at 17:06 IST

Iran-Israel War: न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर या फिर कुछ और, डिमोना में ऐसा क्या छिपा है इजराल का 'सीक्रेट'? ईरान ने दागी मिसाइल तो मच गई खलबली

ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बीते 21 मार्च को ईरान ने दक्षिण इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर या फिर कुछ और, डिमोना में ऐसा क्या छिपा है इजराल का 'सीक्रेट'? ईरान ने दागी मिसाइल तो मच गई खलबली | Image: AP

Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बीते 21 मार्च को ईरान ने दक्षिण इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। आंकड़ों की मानें तो इस हमले में करीब 200 लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर हमले के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें साफ दिख रहा है कि आसमान से एक आग का गोला गिरता है और जोरदार धमाका होता है। हमलों में कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और घरों के दरवाजे‑खिड़कियां पत्तों की तरह टूटकर गिर गए।

वहीं इस हमले से इजरायल में खलबली मची हुई है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि डिमोना शहर इजरायल के सबसे गुप्त और महत्वपूर्ण न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के बहुत पास है। इसी वजह से पूरी दुनिया में न्यूक्लियर वॉर का डर फैल गया है। आपको बता दें कि इजरायल न तो परमाणु हथियार रखने की पुष्टि करता है और न ही इसका खंडन करता है। हालांकि स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के अनुसार, उसके पास लगभग 90 परमाणु वॉरहेड हैं, जिसके चलते वह मिडिल ईस्‍ट का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश कहा जाता है।

डिमोना में ऐसा क्या है इजरायल का 'सीक्रेट', विस्‍तार से जानिए

डिमोना इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित शिमोन पेरेस न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास है। यह इजरायल का मुख्य न्यूक्लियर प्लांट है जहां परमाणु हथियार बनाने से जुड़ी रिसर्च होती है। यहां प्लूटोनियम का उत्पादन होता है। इजरायल के परमाणु कार्यक्रम का पूरा आधार यहीं है। दुनिया मानती है कि इजरायल के पास परमाणु बम हैं। डिमोना उनका सबसे बड़ा गुप्त केंद्र है। यह जगह इतनी संवेदनशील है कि आसपास के इलाकों में हमेशा सख्त सुरक्षा रहती है। ईरान ने इन मिसाइलों से डिमोना शहर को निशाना बनाया, जो न्यूक्लियर सेंटर से सिर्फ 12-22 किलोमीटर दूर है।

हमले में न्यूक्लियर प्लांट को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन पास में गिरने वाली मिसाइलों से रेडिएशन लीक का खतरा पैदा हो गया। अगर मिसाइलें न्यूक्लियर प्लांट को हिट करतीं या पास में गिरकर प्लांट को नुकसान पहुंचातीं तो रेडिएशन फैल सकता था। रेडिएशन से लोग बीमार पड़ सकते हैं। मिट्टी और पानी प्रदूषित हो सकता है।

इजरायल का सबसे सुरक्षित शहर है डिमोना

डिमोना को लंबे समय से इजरायल के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माना जाता रहा है। डिमोना को इतना सुरक्षित इसकी एडवांस्ड और बहुस्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली बनाती है। आने वाले खतरों को रोकने के लिए आयरन डोम और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली जैसे सिस्टम तैनात किए गए थे। यह सिस्टम मिसाइलों का पता लगाने, उन पर नजर रखने और हवा में ही नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

इससे डिमोना जैसे जरूरी क्षेत्रों के ऊपर एक सुरक्षा कवच बन जाता है। डिमोना के ऊपर का हवाई क्षेत्र दुनिया के सबसे ज्यादा प्रतिबंधित क्षेत्रों में से एक है। इसे एक सख्त नो-फ्लाइट जोन घोषित किया गया है। इसका मतलब है कोई भी अनाधिकृत विमान चाहे वह नागरिक हो या फिर सैन्य, इसमें प्रवेश नहीं कर सकता।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 23 March 2026 at 17:06 IST