अपडेटेड 10 March 2026 at 15:12 IST
Iran Israel War: ईरान-इजरायल जंग से दुनिया भर में त्राहिमाम... कई जगह लॉकडाउन जैसे हालात, भारत समेत इन देशों में गहराया गैस संकट
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत समेत कई देशों में ईंधन संकट गहरा गया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, वियतनाम, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, अमेरिका और इंडोनेशिया जैसी जगहों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिसके बंद होने से ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर संघर्ष लंबा चला तो कीमतें 120-140 डॉलर तक जा सकती हैं, जिससे शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। सरकारें राशनिंग और पैनिक बाइंग रोकने के उपाय कर रही हैं, जबकि लोग लंबी कतारों में ईंधन के लिए परेशान हैं।
| देश | स्थिति | एहतियात |
| पाकिस्तान | भारी महंगाई- पेट्रोल की रिकॉर्ड कीमतें (55 PKR तक बढ़ोतरी | स्कूल बंद, सरकारी दफ्तर 4 दिन, 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य |
| बांग्लादेश | पैनिक के कारण किल्लत | ईंधन राशनिंग, मोटरसाइकिल के लिए 2 लीटर की दैनिक सीमा |
| श्रीलंका | कीमतों में 8% की बढ़ोतरी | CPC का भरोसा है कि अप्रैल तक स्टॉक है |
| जर्मनी | कीमतों में उछाल, अर्थव्यवस्था पर असर | चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ (Friedrich Merz) ने चिंताओं पर ध्यान दिया है |
| फ्रांस/पोलैंड | पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें | लोग घबराहट में पेट्रोल भरवा रहे हैं, महंगाई बढ़ने का डर है |
| वियतनाम | आपूर्ति की चिंता | ईंधन बचत की अपील, बायोफ्यूल और सार्वजनिक परिवहन पर जोर |
| इंडोनेशिया | कीमतों में तेजी से चुनौती | B50 बायोडीजल योजना को फिर से लागू करने पर विचार |
| USA | गैस पंपों पर कीमतें बढ़ीं (11 सेंट प्रति गैलन तक) | आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान पर चिंता |
पाकिस्तान का संकट
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 55 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं, जो इतिहास की सबसे बड़ी वृद्धि है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईंधन बचाने के लिए स्कूल दो हफ्ते बंद कर दिए, सरकारी वाहनों में 60% कटौती की और दफ्तर हफ्ते में चार दिन ही खुलेंगे। केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के जोखिम की चेतावनी दी है।
यूरोप-अमेरिका की स्थिति
फ्रांस में ईंधन कीमतें 20 सेंट प्रति लीटर बढ़ सकती हैं, लोग पंपों पर लंबी लाइनों में खड़े हैं। जर्मनी में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सरकार टास्क फोर्स से निगरानी कर रही है, चालक सार्वजनिक परिवहन अपनाने को मजबूर। पोलैंड में एक हफ्ते में 14% उछाल आया, जबकि अमेरिका के फ्लोरिडा-लुइसियाना में गैस 30 सेंट प्रति गैलन महंगी हो गई।
वैकल्पिक उपाय
इंडोनेशिया B40 बायोडीजल पर टिका है, B50 योजना स्थगित लेकिन इथेनॉल ब्लेंडिंग को तेज करने की योजना बना रहा है। सभी देश नागरिकों से संयम बरतने और ऊर्जा बचाने की अपील कर रहे हैं, ताकि बुनियादी जरूरतें पूरी हों। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए लंबे समय तक चुनौती बनेगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 10 March 2026 at 15:12 IST