BREAKING: दूसरे दौर की शांति वार्ता पर अभी भी संस्पेंस, अमेरिका तैयार लेकिन ईरान का साफ इनकार; तो क्या और भीषण होगा जंग?
ईरान-इजरायल-यूएस जंग के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट CNN की खबर के मुताबिक दूसरे दौर की वर्ता के लिए अमेरिका तैयार है लेकिर ईरान ने साफ इंकार कर दिया है।
ईरान-इजरायल-यूएस जंग के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट CNN की खबर के मुताबिक दूसरे दौर की वर्ता के लिए अमेरिका तैयार है लेकिर ईरान ने साफ इंकार कर दिया है। वहीं जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक अमेरिका का डेलिगेशन मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंच रहा है।
इस बीच होर्मुज में अभी भी तनावा बढ़ा हुआ है। अमेरिका जहां दबाव बनाने के लिए नाकेबंदी किए हुए है, वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। जब से ईरानी कार्गो को अमेरिका ने कब्जे में लिया है, तब से माहौल और बिगड़ गया है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इब्राहिम जोल्फगारी ने कहा कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के साथ वार्ता के सभी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सभी शांतिवार्ता रद्द की जाती है और होमुर्ज जलमार्ग को पूरी तरह दोबारा बंद किया जाता है।
ईरान ने किया साफ इनकार
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा है कि देश ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है। आईआरएनए ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, वे सही नहीं हैं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने फारसी में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। एजेंसी ने अमेरिका की ओर से आई खबरों को “मीडिया का खेल” और “दोषारोपण की रणनीति” बताया, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना है। उसने कहा कि अमेरिका की “अत्यधिक, तर्कहीन और अव्यवहारिक मांगें, बार-बार बदलता रुख, विरोधाभासी बयान और कथित समुद्री नाकाबंदी” की वजह से अब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।
क्यों ईरान नहीं होना चाहता शामिल?
ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगे, अवास्तविक अपेक्षाएं, लगातार रुख में बदलाव, बार-बार विरोधाभास और जारी नाकाबंदी के कारण वार्ता में शामिल न होने का फैसला लिया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आए हैं, जब ईरान-अमेरिका और इजरायल का संघर्ष अपने आठवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, इसमें हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अहम मार्ग होर्मुज जलमार्ग में लगे प्रतिबंधों के कारण तेल बाजार बुरी तरह प्रभावित है।
ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलमार्ग से होने वाली कमर्शियल शिपिंग पर वापस से पाबंदी लगा दी है। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक वह सामान्य आवाजाही की अनुमति नहीं देगा।
(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 20 April 2026 at 07:43 IST