अमेरिका की चेतावनी के बाद भी ईरान को चोरी छिपे हथियार सप्लाई कर रहा चीन? तेहरान में लैंड 4 'रहस्यमय' विमान; सबने ऑफ कर रखा था ट्रांसपोंडर
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक चौंकाने वाला रहस्य उजागर हुआ है, जिसने वैश्विक कूटनीति को नई उलझन में डाल दिया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक चौंकाने वाला रहस्य उजागर हुआ है, जिसने वैश्विक कूटनीति को नई उलझन में डाल दिया है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल पोस्ट्स में कमेंटेटर मारियो नॉफाल ने दावा किया है कि चीन के चार कार्गो विमान मात्र 48 घंटों के अंदर ईरान में लैंड कर चुके हैं। खास बात यह है कि इन विमानों ने उड़ान भरते ही अपने ट्रांसपोंडर स्विच ऑफ कर दिए थे, जिससे उनकी लोकेशन रीयल-टाइम में ट्रैक नहीं की जा सकी।
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसपोंडर बंद करना सामान्य नहीं होता। यह कदम ज्यादातर तब उठाया जाता है जब कोई फ्लाइट अपनी मिशन को गुप्त रखना चाहती है। सोशल मीडिया पर बहुत सारे यूजर्स पूछ रहे हैं- क्या ये विमान ईरान को हथियारों की खेप लेकर गए थे? हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही किसी सरकार या स्वतंत्र संस्था ने इसे सत्यापित किया है।
चीन का सख्त इंकार, अमेरिका की चेतावनी
चीन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बुधवार को कहा, "ये सैटेलाइट आधारित दावे बकवास हैं। पूरी तरह काल्पनिक हैं। अगर अमेरिका इन झूठे आरोपों पर कोई कदम उठाएगा, तो हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।"
दिलचस्प यह है कि हाल ही में चीन ने अमेरिका को आश्वासन दिया था कि वह ईरान को सैन्य सहायता नहीं देगा। ऐसे में ये 'डार्क फ्लाइट्स' के आरोप बीजिंग की साख पर सीधा सवाल खड़े कर रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर कोई देश ईरान की सैन्य मदद करता पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
ट्रांसपोंडर बंद करने का क्या मतलब?
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोंडर ऑफ करना असामान्य जरूर है, लेकिन हमेशा संदिग्ध नहीं होता। कभी-कभी सुरक्षा चिंताओं या तकनीकी खराबी के कारण भी ऐसा किया जाता है। मगर चार विमानों का एक साथ ऐसा करना और वह भी इतने संवेदनशील समय में शक को गहरा बनाता है।
इधर, जमीन पर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के संकेत मिले हैं। लेबनान में सीजफायर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य आंशिक रूप से खुल चुका है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव बरकरार है। क्या ये 'चीनी उड़ानें' मध्य पूर्व की आग में घी का काम करेंगी?
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 18 April 2026 at 13:20 IST