Iran-US War: अमेरिका-ईरान में दूसरे दौर की शांति वार्ता की तारीख फाइनल, यहां मिलेंगे दोनों देश, क्या इस बार डोनाल्ड ट्रंप होंगे शामिल?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बातचीत का एक और दौर होने जा रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Iran-America Peace Talks: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बातचीत का एक और दौर होने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बैठक करेंगे। इसके लिए डेलीगेशन रविवार को ही पहुंच सकते हैं। हालांकि अभी तक न तो वॉशिंगटन और न ही तेहरान की ओर से इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि हुई है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बातचीत जल्द हो सकती है।
इससे यह साफ है कि पर्दे के पीछे तैयारी पूरी हो चुकी है। इनके अलावा सीएनएन ने ईरानी सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस्लामाबाद में अगले दौर की बातचीत सोमवार को तय है। आपको बता दें कि इससे पहले (12 अप्रैल 2026) इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका की शांति वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में इस बार की वार्ता और भी अहम हो जाती है, क्योंकि पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ दो हफ्तों का सीजफायर अब खत्म होने के करीब है। अगर इस बार भी बातचीत विफल रहती है, तो क्षेत्र में तनाव फिर से भड़क सकता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर इस मीटिंग पर टिकी हुई है।
पहली वार्ता फेल होने के बाद बैक चैनल जारी है वार्ता
इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तेहरान में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ से मुलाकात की। यह मुलाकात अमेरिका-ईरान वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि मुनीर अमेरिका का प्रस्ताव लेकर ईरान पहुंचे थे।
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इजरायल-लेबनान सीमा पर सीजफायर
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर का ऐलान किया है। यह संघर्ष मुख्य रूप से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच था, जिसमें हाल के दिनों में काफी तनाव बढ़ गया था। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद दोनों पक्ष इस अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हुए।
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क्यों नाकाम हुई थी US-ईरान की पहले दौर की शांति वार्ता? जेडी वेंस ने बताया सच
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक अहम बयान सामने आया था जिससे उन कारणों का पता चला है कि इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता नाकाम क्यों हुई थी। जेडी वेंस ने मंगलवार को साफ-साफ कह दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बरसों से जो अविश्वास और नफरत चली आ रही है, उसे रातों-रात खत्म नहीं किया जा सकता। वेंस का कहना है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी ही शांति समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। आसान भाषा में समझें तो दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कोई भी एक-दूसरे पर यकीन करने को तैयार नहीं है।