BRICS से पहले भारत के 'चाणक्य' ने राष्ट्रपति पुतिन से की मुलाकात, दिया PM मोदी का खास संदेश, क्या है एजेंडा?

रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के निमंत्रण पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे हैं। जहां क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लामीदिर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाई और उनका व्यक्तिगत संदेश पुतिन को सौंपा।

मॉस्को में एस जयशंकर और राष्ट्रपति पुतिन की हुई मुलाकात | Image: ANI

भारत की राजधानी दिल्ली में 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन होना है। इसका आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम् में 12 से 13 सितंबर को होगा। ऐसे में भारत ने अपनी कूटनीति से इसकी सफलता के लिए ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीन पहुंचे हैं तो भारत के विदेश नीति के चाणक्य और विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस के दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को में हैं। जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से हुई। हम आपको बताते हैं भारत की दृष्टि से उनकी यह यात्रा क्यों अहम है।

रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के निमंत्रण पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय दौरे {23 और 24 अगस्त) पर मॉस्को पहुंचे हैं। जहां क्रेमलिन में रूस राष्ट्रपति व्लामीदिर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। 

विदेश मंत्रालय के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर 23 और 24 अगस्त को भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (India-Russia Inter Governmental commission on Trade, Economic, Scientific, Technological and Cultural Cooperation) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए रूस की यात्रा पर हैं। इस दौरान आज 24 अगस्त को एस जयशंकर की राषट्रपति पुतिन से मुलाकात हुई।

मॉस्को में एस जयशंकर और पुतिन की मुलाकात

मॉस्को के क्रेमलिन में राष्ट्रपति पुतिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत किया। जबकि जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाई और उनका व्यक्तिगत संदेश पुतिन को सौंपा। भारत और रूस दोनों ने इस मौके पर द्वपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत-रूस अंतर सरकारी आयोग की बैठक हुई और इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, उर्वर, परमाणु सहयोग आदि पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा है। जयशंकर ने राष्ट्रपति पुतिन को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन में उनसे मिलने के इच्छुक हैं। साथ ही नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में उनका स्वागत करेंगे।

इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस संबंधों की दशकों पुरानी मजबूती का जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है। उन्होने भारत के कृषि क्षेत्र के लिए उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने की रूस की तैयारियों का भी जिक्र किया।

August 24, 2026

जयशंकर का ये दौरा भारत के लिए क्यों है अहम?

बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर का ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सितंबर में भारत में BRICS शिखर सम्मेलन होना है। इसका आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा। इसमें भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी भारत आ सकते हैं। जहां पीएम मोदी  उनका स्वागत करेंगे और दुनिया के दोनों दिग्गज नेताओं के बीच वार्ता हो सकती है। जयशंकर ने क्रेमलिन में मुलाकात के दौरान पुतिन को इसका न्यौता भी दे दिया है। 

बता दें कि ईरान अमेरिका युद्ध के कारण दुनिया भर में तनाव की स्थिति है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण भारत रूस के संबंध को मजबूती प्रदान करना दोनों देशों की प्राथमिकता होगी। क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट के कारण भारत और दुनिया के कई देशों में गैस और ईंधन की किल्लत हुई। इस बीच अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने को लेकर आड़े हाथों लिया है। इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी भारत पर रूस से तेल नहीं खरीदने का दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में अगर पुतिन भारत आते हैं तो इस पर अमेरिका समेत पूरी दुनिया की भी नजर होगी। भारत और रूस के बीच तेल समेत कई अन्य मुद्दों पर नए सिरे से रणनीति बनेगी और आपसी सहयोग पर जोर होगा।  

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 24 August 2026 at 19:36 IST