अपडेटेड 23 March 2026 at 17:17 IST
BIG BREAKING: युद्ध को लेकर सबसे बड़ी खबर, ईरान पर अमेरिका 5 दिनों तक नहीं करेगा हमला- ट्रंप का बड़ा ऐलान
ईरान-इजरायल जंग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 5 दिनों के लिए हमला टाल दिया है।
ईरान-इजायल जंग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी सैन्य हमले को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद अमेरिकी रक्षा विभाग को ये निर्देश दिया है। ट्रंप ने यह फैसला पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बेहद सकारात्मक बातचीत के बाद लिया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, 'ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी टकराव का पूर्ण समाधान निकालना है। दोनों देशों के बीच इन गहन और विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रुख को देखते हुए, जो पूरे सप्ताह जारी रहेंगी, मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए।'
ट्रंप ने दी थी 48 घंटे में हमले की चेतावनी
इससे पहले रविवार तड़के ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी हमलों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से बंद रहता है तो अमेरिका 48 घंटे के भीतर ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाएगा। इसी के बाद ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने बयान में कहा, ‘हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर हमारे पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए कब्जा करने वाले शासन (इजरायल) के पावर प्लांट्स के साथ-साथ उन क्षेत्रीय देशों के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा, जो अमेरिकी ठिकानों को बिजली सप्लाई करते हैं और उन आर्थिक, औद्योगिक और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाएगा, जिनमें अमेरिकियों की हिस्सेदारी है।’
युद्ध के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट पहुंचा ईरान
उधर, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) के मुताबिक तेहरान ने अमेरिका-इजराइल के हमलों को लेकर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में अपील की है। ईरान ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और अन्य वैश्विक संस्थाओं को 16 औपचारिक पत्र सौंपे हैं। पत्र में अमेरिका और इजराइली शासन द्वारा ईरान के खिलाफ बिना किसी उकसावे के की गई आक्रामक जंग की निंदा करने की मांग की गई है। यह कूटनीतिक पहल पिछले महीने के आखिर में शुरू हुई सैन्य हमलों की एक श्रृंखला के बाद सामने आई है।
आईआरसीएस की अंतरराष्ट्रीय और मानवाधिकार मामलों की उप-प्रमुख रजिएह अलीशवंदी ने रविवार को कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से सक्रिय रूप से संपर्क कर रहा है ताकि अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा में जरूरी कानूनी कदम उठाए जा सकें। बता दें कि अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को शुरू किए गए इस युद्ध में 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार तड़के कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन हमलों से निपट रहे हैं, वहीं बहरीन में हवाई हमले के संकेत देने वाले सायरन बज रहे हैं।
ईरान ने फारस की खाड़ी को बाकी दुनिया से जोड़ने वाले होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और कहा है कि शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति है लेकिन जहाजों पर हमलों ने लगभग सभी टैंकर यातायात को रोक दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है।
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Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 16:48 IST