Iran Israel War: जिस चीज के लिए आखिरी वक्त तक लड़ते रहे सुप्रीम लीडर खामेनेई, गंवा दी जान; अब अमेरिका करेगा कब्जा, ट्रंप का ये है मेगा प्लान

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिका (America) ईरान पर जमीनी हमला करने की आहट तेज हो गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती अमेरिकी सैनिकों की तैनाती और ट्रंप के हालिया बयान इसको और बल दे रहे हैं।

Iran Israel War: जिस चीज के लिए आखिरी वक्त तक लड़ते रहे सुप्रीम लीडर खामेनेई, गंवा दी जान; अब अमेरिका करेगा कब्जा, ट्रंप का ये है मेगा प्लान | Image: Pixabay/X

Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिका (America) ईरान पर जमीनी हमला करने की आहट तेज हो गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती अमेरिकी सैनिकों की तैनाती और ट्रंप के हालिया बयान इसको और बल दे रहे हैं। अब ऐसा लग रहा है कि ईरान (Iran) से इजरायल और अमेरिका का युद्ध महायुद्ध में तब्दील होगा। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) सेना को ईरान भेजकर उसकी सबसे बेशकीमती चीज 453.5 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम (enriched uranium) कब्जा करने का प्‍लान बना रहे हैं।

आपको बता दें कि ये यूरेनियम ही है जिसके लिए ईरान इतनी लंबी जंग लड़ रहा है। अपने टॉप नेताओं, मिलिट्री कमांडर्स की कुर्बानी दे चुका है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ali Khamenei) इस यूरेनियम को बचाना चाहते थे और इसे लेकर उन्‍होंने कई स्‍तर तक वार्ता भी की। बाद में अमेरिकी हमले में उन्‍हें भी जान गंवानी पड़ी।

अमेरिका इसी साढ़े चार क्विंटल यूरेनियम को हर हाल में हासिल करना चाहता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी नेता के करीबी एक सूत्र के हवाले से बताया कि ट्रंप ने अपने सलाहकारों को इस बात के लिए तेहरान पर दबाव डालने को भी कहा है कि वे युद्ध खत्म करने की शर्त के तौर पर इस सामग्री को सौंपने पर सहमत हों।

क्या है डोनाल्‍ड ट्रंप का खास प्‍लान?

दरअसल, अमेरिका को इस बात का डर सता रहा है कि ईरान की सरकार इस 400 किलोग्राम म एनरिच्ड यूरिनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी साफ कह चुके हैं कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जा सकता है।

इसी को लेकर अमेरिका ईरान में खतरनाक मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देने का प्लान कर रहे हैं। योजना के तहत ईरान से करीब 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को निकालना है।  कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे ईरान की परमाणु सुविधाओं में दबाकर रखा गया है।  

453.5 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम से बनाए जा सकते हैं 10-11 परमाणु बम

453.5 किग्रा 60%  एनरिच्ड यूरेनियम से लगभग 10-11 बम बनाए जा सकते हैं। हालांकि यह सैद्धांतिक अनुमान है और असलियत थोड़ा बहुत कम या ज्यादा हो सकता है। रविवार रात को ट्रंप ने एक कड़ा अल्टीमेटम देते हुए पत्रकारों से कहा कि ईरान को अमेरिका की मांगें माननी ही होंगी, वरना "उनके पास कोई देश ही नहीं बचेगा।" यूरेनियम का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, "वे हमें वह न्यूक्लियर डस्ट सौंप देंगे।"

जोखिम से भरा है ट्रंप का ये प्‍लान

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि जबरदस्ती यूरेनियम पर कब्जा करने की कोई भी कोशिश जटिल और खतरनाक होगी। इस संभावित ऑपरेशन से ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई होने की संभावना है और इससे युद्ध की अवधि भी 4-6 हफ्ते की उस समय-सीमा से काफी आगे बढ़ सकती है, जिसका जिक्र ट्रंप की टीम ने सार्वजनिक तौर पर किया है।

ईरान ने कहा रखा है ये सबसे सीक्रेट और बेशकीमती चीज

पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों से पहले यह माना जाता था कि ईरान के पास 60 प्रतिशत तक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly enriched uranium) 400 किलोग्राम से ज्‍यादा और 20 प्रतिशत फिजन मैटेरियल लगभग 200 किलोग्राम थी। IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी के अनुसार यह भंडार संभवतः उन दो मुख्य जगहों पर केंद्रित है जिन्हें उन हमलों में निशाना बनाया गया था। इस्फहान में एक भूमिगत सुरंग और नतान्ज में एक प्लांट में।  विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो ईरान के पास नए भूमिगत संवर्धन केंद्र स्थापित करने की क्षमता अभी भी मौजूद है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 30 March 2026 at 16:56 IST