Iran US War: ट्रंप के दिमाग में चल क्या रहा है? 2-3 हफ्ते में जंग खत्म करने के संकेतों के बीच 6000 सैनिकों के साथ मिडिल ईस्ट भेज रहे जहाज
US Iran war: ईरान संग जारी जंग के बीच अमेरिका ने अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर 'यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश' मिडिल ईस्ट के लिए रवाना कर दिया है। दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर वहां पहले से मौजूद हैं।
US-Israel-Iran war: अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग को एक महीने से ज्यादा हो गया है। इस युद्ध का अंत कब होगा, यह सवाल अब भी उलझा हुआ है। इसके पीछे एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार बदलता रूख है। ट्रंप ने जंग को लेकर कई बार अपने दावे बदले हैं। अब उन्होंने एक तरफ अगले दो से तीन हफ्तों में इस युद्ध को खत्म करने की बात कही है। हालांकि इस बीच अमेरिकी सेना के हजारों अतिरिक्त सैनिक भी मिडिल ईस्ट की ओर जा रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन की ओर से जोर देकर कहा गया है कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो युद्ध को और तेज करने की धमकी भी दी है।
एक और एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट रवाना
दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर 'यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश' मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया है। इस विमानवाहक पोत स्ट्राइक समूह में 6 हजार से अधिक नौसैनिक शामिल हैं।
यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस सप्ताह की शुरुआत में वर्जीनिया के नॉरफोक नौसैनिक अड्डे से नियमित तैनाती के तहत रवाना हुआ था। हालांकि, इसका अंतिम गंतव्य और मिडिल ईस्ट पहुंचने में कितना समय लगेगा, यह अभी साफ नहीं है। अगर यह तैनाती पूरी तरह सक्रिय हो जाती है, तो ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी ऑपरेशनों में शामिल विमानवाहक पोतों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।
दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से मौजूद
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिका के दो अन्य बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से मौजूद हैं। 'यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड' और 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' तैनात हैं और विभिन्न सैन्य अभियानों में शामिल हैं। दरअसल, यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड इस समय ग्रीस के क्रीट द्वीप पर एक आग की घटना की वजह से मरम्मत के लिए रुका हुआ है। यूएसएस अब्राहम लिंकन उत्तरी अरब सागर में फिलहाल सक्रिय है।
मिडिल ईस्ट में पहले से मौजूद हजारों सैन्यकर्मियों के अलावा अतिरिक्त बलों की तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने इस सवाल से बचने की कोशिश की है कि क्या अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ जमीनी सैनिकों को तैनात करेगी या नहीं?
हेगसेथ ने इस पर कहा कि आप युद्ध लड़कर जीत नहीं सकते अगर आप अपने प्रतिद्वंद्वी को यह बता दें कि आप क्या करने को तैयार हैं या क्या करने को तैयार नहीं हैं, जिसमें जमीनी स्तर पर सैनिकों की तैनाती भी शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे दुश्मन को अभी लगता है कि हम उन पर जमीनी स्तर पर हमला करने के 15 अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। और सच में? ऐसे तरीके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य बातचीत के जरिए ईरान के साथ एक समझौते पर पहुंचना है क्योंकि हम सैन्य रूप से जरूरत से ज्यादा कुछ नहीं करना चाहते।
ट्रंप ने किया था बड़ा ऐलान
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में साफ किया था कि अमेरिका जल्द ही अपनी सेना वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान छोड़ देगी। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ईरान में 'रिजीम चेंज' का लक्ष्य पूरा हो चुका है, इसीलिए अमेरिका अब इस संघर्ष को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है। एक तरफ ट्रंप युद्ध खत्म करने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिका मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है, जो फिर उनके दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 16:29 IST