अचानक उठा बवंडर...जर्मनी के लेक कॉन्स्टेंस के ऊपर बना शक्तिशाली वॉटरस्प्राउट, मौसम विभाग भी हैरान

बुधवार को लेक कॉन्स्टेंस के आसमान में एक ऐसा अद्भुत और दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जिसने स्थानीय लोगों और मौसम विज्ञानियों दोनों को हैरान कर दिया। झील के पानी के ऊपर एक विशाल और शक्तिशाली जलस्तंभ बनता हुआ देखा गया। यह दृश्य जितना लुभावना था, उतना ही हैरान करने वाला भी है।

बुधवार दोपहर को जर्मनी के फ्रेडरिकशाफेन के पास लेक कॉन्स्टेंस के ऊपर प्रकृति का एक दुर्लभ और हैरतअंगेज नजारा देखने को मिला। यहाँ अचानक पानी का एक विशाल बवंडर, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'वॉटरस्प्राउट' (Waterspout) या जलस्तंभ कहा जाता है, उभर आया। तट पर मौजूद लोग करीब 15 मिनट तक फटी आंखों से इस अद्भुत प्राकृतिक घटना को देखते रहे।

वैसे तो लेक कॉन्स्टेंस पर ऐसे बवंडर समय-समय पर दिखाई देते रहते हैं। इससे पहले करीब तीन हफ्ते पहले भी ऐसा ही एक नजारा देखा गया था। लेकिन जर्मन मौसम सेवा के विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर इस तरह के जलस्तंभ सितंबर के महीने में बनते हैं, इसलिए जून-जुलाई में इसका आना थोड़ा असामान्य है।

कैसे बनता है पानी का यह बवंडर?

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वॉटरस्प्राउट मूल रूप से पानी के ऊपर बनने वाले बवंडर ही होते हैं। इनके निर्माण के लिए मौसम की कुछ खास कड़ियों का एक साथ जुड़ना जरूरी है। जब पानी का तापमान बहुत अधिक हो और उसके ऊपर से गुजरने वाली हवा काफी ठंडी हो, तो वायुमंडल में भारी अस्थिरता पैदा होती है।
इसके बाद हवा की धाराएं आड़ी-तिरछी दिशाओं में घूमने लगती हैं, जिससे एक घूमती हुई ऊपर उठने वाली हवा की लहर तैयार होती है।बुधवार को आए इस बवंडर की मुख्य वजह एक स्थानीय गरज-चमक वाला तूफान था, जो हालांकि शाम होते-होते शांत हो गया।

कितने खतरनाक होते हैं ये जलस्तंभ?

गंभीर स्थितियों में इन जलस्तंभों के भीतर हवा की रफ्तार 300 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, और इनका व्यास 300 मीटर तक चौड़ा हो सकता है। डीडब्ल्यूडी के मौसम विज्ञानी काई-उवे नेर्डिंग के अनुमान के मुताबिक, लेक कॉन्स्टेंस के ऊपर आए इस बवंडर की रफ्तार करीब 100 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी।

नाविकों के लिए बड़ा खतरा

भले ही इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन समुद्र और झीलों में सफर करने वाले नाविक इन जलस्तंभों से बेहद खौफ खाते हैं। ये गरज-चमक और खराब मौसम के साथ बनते हैं और जमीन पर आने वाले विनाशकारी बवंडरों जितने ही खतरनाक होते हैं। ये बिना किसी तूफान के सिर्फ गर्म पानी पर ठंडी हवा चलने से बनते हैं। ये तुलनात्मक रूप से कमजोर होते हैं, फिर भी अपने साथ तेज हवाएं और भारी बारिश लाने की क्षमता रखते हैं।

July 1, 2026

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 2 July 2026 at 08:39 IST