अपडेटेड 7 January 2026 at 12:28 IST

AI Helmet: अब हेलमेट से पकड़े जाएंगे सिग्नल जंपर, बेंगलुरु के इंजीनियर ने बनाया AI वाला हेलमेट, पुलिस को भेजता है शिकायत

बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने AI से लैस हेलमेट बनाया है, जो ट्रैफिक उल्लंघनों को रियल टाइम में पकड़ता है और पुलिस को सबूत भेजता है।

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बेंगलुरु में इंजीनियर ने बनाया स्मार्ट हेलमेट | Image: X

Bengaluru AI helmet: बेंगलुरु को अक्सर दुनिया के सबसे धीमे ट्रैफिक वाले शहरों में गिना जाता है। क्योंकि शहर की सड़कों पर पीक ऑवर्स में गाड़ियां इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि कई-कई घंटे ट्रैफिक में फंस जाते हैं। दरअसल, IT हब होने के कारण निजी वाहनों की संख्या सड़कों की क्षमता से कहीं ज्यादा है। ऐसे में व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से परेशान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अनोखा समाधान निकाला है। उन्होंने अपने हेलमेट को AI तकनीक से लैस कर एक 'ट्रैफिक पुलिस डिवाइस' में बदल दिया।

कैसे आया आइडिया?

पंकज तंवर मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और एक कंपनी में सिस्टम आर्किटेक्ट के रूप में काम करते हैं। वे बताते हैं कि सड़कों पर रोज होने वाले उल्लंघनों से तंग आकर उन्होंने बहस करने के बजाय तकनीकी हल चुना। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के नागरिकों से ऐप, ईमेल या व्हाट्सएप के जरिए सबूतों के साथ शिकायतें स्वीकार करने की जानकारी ने भी उन्हें प्रेरित किया।

स्मार्ट हेलमेट की तकनीक

इस हेलमेट में लॉजिटेक वेबकैम लगा है जो रास्पबेरी पाई कंप्यूटर से जुड़ा है। बाइक चलाते वक्त यह लाइव वीडियो प्रोसेस करता है। AI मॉडल फ्रेम का विश्लेषण करते हैं और 4 मुख्य उल्लंघनों की पहचान करते हैं। जैसे बिना हेलमेट बाइक चलाना, डिवाइडर जंपिंग, रेड लाइट तोड़ना और गलत दिशा में ड्राइविंग। नंबर प्लेट की पहचान के लिए ओसीआर (OCR) तकनीक का इस्तेमाल होता है।

गलतियों से बचाव के लिए मल्टी-लेयर चेक

झूठी पहचान से बचने के लिए पंकज ने कड़ी जांच व्यवस्था जोड़ी है। उल्लंघन पकड़े जाने पर इसे ओपन AI के GPT और गूगल के जेमिनी जैसे मॉडलों से दोबारा वेरीफाई किया जाता है। सभी स्तरों पर पुष्टि होने के बाद ही लोकेशन, फोटो और नंबर प्लेट के साथ सबूत ट्रैफिक पुलिस को ईमेल किए जाते हैं। यह सिस्टम लगभग रियल-टाइम में काम करता है। 

लोगों ने दी पॉटहोल रिपोर्टिंग फीचर जोड़ने की सलाह

पंकज ने अपना आविष्कार एक्स पर शेयर किया, जहां यह पोस्ट 20 लाख से ज्यादा व्यूज बटोर चुकी है। यूजर्स ने इसे 'पीक बेंगलुरु इनोवेशन' और 'सुपर इनोवेशन' कहा। कुछ ने पॉटहोल रिपोर्टिंग (Indian Potholes) फीचर जोड़ने का सुझाव दिया।  

यह कहानी दर्शाती है कि कैसे एक व्यक्ति की पहल तकनीक के जरिए सामाजिक बदलाव ला सकती है। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस पहले से ही AI कैमरों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन पंकज का हेलमेट इसे व्यक्तिगत स्तर पर ले जाता है। ऐसे इनोवेशन रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने का काम करते हैं।  

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 7 January 2026 at 12:27 IST