'जिसने चलना सिखाया, अब उसे दुनिया दिखा रहा बेटा...'अपना करियर छोड़ 80 साल के पिता को अब देश घुमा रहा ये श्रवण कुमार, VIDEO देखकर रो पड़ेंगे आप
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी लोगों का दिल जीत रही है। यह कहानी एक समर्पित बेटे की है, जो अपने 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता के उन अधूरे सपनों को पूरा करने निकल पड़ा है, जो जिम्मेदारियों के बोझ तले कहीं दब गए थे।
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एक पिता अपनी पूरी जिंदगी बच्चों के सपने पूरे करने में गुजार देता है। अपनी खुद की इच्छाओं को मारकर वह बच्चों की हर छोटी-बड़ी खुशी का ख्याल रखता है। लेकिन जब वही पिता 80 साल की उम्र में पहली बार आसमान की ऊंचाइयों को छूता है, तो यह देखना किसी भावुक सपने के सच होने जैसा लगता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे ही बेटे की कहानी वायरल हो रही है, जो अपने बूढ़े पिता के हर उस सपने को सच कर रहा है, जिन्हें उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों के चलते हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया था।
80 साल की उम्र में पहली उड़ान का रोमांच
इंस्टाग्राम पर श्रीकांत पांडे @bhukkhad_musafir द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। इस वीडियो में श्रीकांत अपने 80 वर्षीय पिता को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंदौर की फ्लाइट में ले जाते दिख रहे हैं। विमान को पहली बार इतने करीब से देखकर पिता की आंखों में एक बच्चे जैसी मासूमियत और हैरानी साफ झलकती है। जब वह विंडो सीट पर बैठकर बाहर उड़ते बादलों और नीचे दिखती छोटी-छोटी इमारतों को निहारते हैं, तो उनके चेहरे की वह अनमोल और संतुष्ट मुस्कान हर किसी को भावुक कर देती है।
मां के निधन के बाद बेटे ने लिया जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला
इस खूबसूरत सफर के पीछे एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी है। श्रीकांत बताते हैं कि उनकी मां के कैंसर से हुए निधन ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। उन्हें इस बात का गहरा एहसास हुआ कि जिंदगी बेहद छोटी और अनिश्चित है। इसके बाद उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़ दी और अपना पूरा समय पिता को समर्पित करने का फैसला किया। अब उनका एकमात्र लक्ष्य पिता की उन सभी दबी हुई ख्वाहिशों को पूरा करना है, जिन्हें वे परिवार पालने की जद्दोजहद में भूल चुके थे।
तीर्थ यात्राएं और वंदे भारत का शानदार सफर
श्रीकांत के इंस्टाग्राम पेज पर ऐसी कई दिल छू लेने वाली यादें मौजूद हैं। इस हवाई सफर से पहले वह अपने पिता को देश के विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन करा चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पिता को देश की सबसे आधुनिक 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेन का अनुभव भी कराया है। श्रीकांत का मानना है कि बच्चे अपने पिता का ही स्वरूप होते हैं और आज वह जो भी कर रहे हैं, उसके संस्कार उन्हें अपने पिता से ही मिले हैं।
सोशल मीडिया पर उमड़ा लोगों का प्यार
श्रीकांत इन खूबसूरत पलों को सोशल मीडिया पर इसलिए साझा करते हैं ताकि आज की युवा पीढ़ी यह समझ सके कि माता-पिता के साथ बिताया गया वक्त दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है। उनके इस कदम की इंटरनेट पर जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, 'पैसे तो जीवन में दोबारा कमाए जा सकते हैं, लेकिन माता-पिता के साथ बिताया समय नहीं।' वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, 'आज के जमाने में ऐसा श्रवण कुमार जैसा बेटा मिलना बहुत दुर्लभ है।'
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 September 2026 at 13:19 IST