Asian Games: एशियन गेम्स में इंडिया के खाते में एक और गोल्ड, प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास; गोल्फ में पहली बार भारत को मिला स्वर्ण पदक

भारतीय गोल्फर प्रणवी शरथ उर्स ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, गोल्फ में पहली बार भारत को मिला स्वर्ण पदक | Image: X

एशियन गेम्स में 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत की झोली में एक के बाद एक गोल्ड मेडल आ रहे हैं। अब भारत की महिला गोल्फर प्रणवी शरथ उर्स ने इतिहास रच दिया।  प्रणवी एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला गोल्फर बन गई है।

प्रणवी उर्स ने कुल 265 शॉट के साथ 15-अंडर पार स्कोर हुए एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत गोल्फ का भारत का पहला स्वर्ण जीता। आखिरी दौर में ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने वापसी की और 18वें होल पर के साथ एक शॉट से जीत दर्ज की। वहीं, टीम स्पर्धा में प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर ने रजत जीता।

प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास

प्रणवी उर्स ने शनिवार को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने अंतिम दौर में अपना हौसला बरकरार रखा और महिला गोल्फ में एशियाई खेलों की चैंपियन बनीं और भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया।

October 3, 2026

गोल्फ में भारतीय टीम सिल्वर मेडल किया अपने नाम

प्रणवी ने टूर्नामेंट के आखिर में मिली चुनौती का डटकर सामना किया और एक स्ट्रोक की बढ़त के साथ जीत हासिल की। साथ ही भारतीय टीम सिल्वर मेडल दिलाने में भी मदद की। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15-अंडर-पार 265 का स्कोर किया और देश को टीम सिल्वर मेडल दिलाया। वह एशियाई खेलों में गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

भारतीय तिकड़ी ने किया शानदार प्रदर्शन

भारतीय महिला टीम ने भी गोल्फ टीम इवेंट में 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारतीय तिकड़ी -प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर - सिल्वर मेडल के साथ घर लौटेंगी। भारत के टीम सिल्वर मेडल जीतने में प्रणवी के स्कोर ने अहम भूमिका निभाई। मैसूर की 23 वर्षीय इस गोल्फर ने तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण अपनी तीन-स्ट्रोक की बढ़त गंवा दी थी, लेकिन उन्होंने जल्द ही वापसी की। हालांकि, उन्होंने तीन बर्डी लगाकर अपने राउंड को संभाला और टॉप स्पॉट की दौड़ में बनी रहीं।

चार राउंड के स्ट्रोक प्ले में प्रणवी ने कुल 265 शॉट खेले, जो पार 280 से 15 शॉट कम थे। इसलिए उनका अंतिम स्कोर 15-अंडर-पार यानी -15 रहा। उन्होंने सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की रुओनिंग यिन को एक शॉट से पीछे छोड़कर गोल्ड जीता। आखिरी राउंड में 'ईवन-पार 70' के स्कोर के साथ, उन्होंने चार दिनों में कुल '15-अंडर 265' का स्कोर बनाया और बाकी खिलाड़ियों से एक स्ट्रोक आगे रहीं।

कौन हैं प्रणवी उर्स ?

बैंगलोर में 1998 में जन्मीं प्रणवी ने पांच साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया और भारत की सबसे होनहार गोल्फर बनकर उभरीं। बाद में, 2015 में 'लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप' जीतने वाली पहली भारतीय बनकर उन्होंने इतिहास रचा और 2016 में प्रोफेशनल गोल्फर बन गईं और अब एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। 
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 3 October 2026 at 10:19 IST