IPL में बड़ी पहल, भारत को मिली पहली ‘हाईब्रिड पिच’; क्या होती है ये? डिटेल में जानें
भारत में क्रिकेट में नई क्रांति आने वाली है। मौजूदा IPL सीजन के दौरान एक नई पहल के तहत भारत को पहली हाईब्रिड पिच मिली है। धर्मशाला में इसका अनावरण हुआ है।
- खेल समाचार
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IPL 2024: क्रिकेट की दुनिया में भारत का सानी कोई नहीं है। क्रिकेट में भारत का कद और रुतबा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। भारत की क्रिकेट बोर्ड दुनिया का सबसे ताकतवर बोर्ड है। भारत में क्रिकेट सबसे पसंदीदा खेल माना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट फैंस के लिए लगातार कोई न कोई नई चीज लाई जा रही है और अब इस कड़ी में भारत में क्रिकेट को लेकर नई क्रांति होने वाली है।
दरअसल भारत को अपनी ‘हाईब्रिड पिच’ मिली है। IPL के चेयरमैन अरुण धूमल की मौजूदगी में सोमवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में भव्य समारोह के दौरान हाईब्रिड पिच का अनावरण किया गया। अरुण धूमल के अलावा इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और SIS के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट निदेशक पॉल टेलर जैसे क्रिकेट से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
धूमल ने कहा-
इंग्लैंड में लार्ड्स और द ओवल जैसे प्रतिष्ठित स्थलों में सफलता के बाद हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल से भारत में क्रिकेट में क्रांति आएगी।
क्या होती है हाईब्रिड पिच?
बता दें कि हाईब्रिड पिचें वो पिचें होती हैं, जिन्हें नेचुरल टर्फ और आर्टिफिशियल फाइबर से तैयार किया जाता है। ये पिचें आम पिचों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होती हैं। इन पिचों पर मैदानकर्मियों को बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत नहीं होती है। साथ ही खेलने की परिस्थितियों के स्तर को बरकरार करने में भी ज्यादा समस्या नहीं होती।
पिच में सिर्फ पांच प्रतिशत सिंथेटिक फाइबर होता है, जिससे ये सुनिश्चित होता है कि क्रिकेट के लिए जरूरी नेचुरल विशेषताओं को बचाया जा सके। SIS के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट निदेशक टेलर ने इस प्रतिष्ठित परियोजना में साझेदारी के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का आभार जताया। बता दें कि हाइब्रिड सतह को स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण घटक ‘यूनिवर्सल मशीन’ है, जिसे 2017 में SIS ग्रास द्वारा विकसित किया गया था और इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट मैदानों में समान पिचें बनाने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ICC ने T20 और वनडे इंटरनेशनल मैचों में हाईब्रिड पिचों के इस्तेमाल को मंजूरी दी है और योजना है कि इस साल से इनका इस्तेमाल चार दिवसीय काउंटी चैंपियनशिप में किया जाएगा।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : DINESH BEDI
पब्लिश्ड 6 May 2024 at 19:45 IST