अपडेटेड 27 February 2026 at 15:05 IST
T20 World Cup IND vs WI: वेस्टइंडीज ने 10 साल पहले धोनी को दिया था कभी ना भूलने वाला 'दर्द', क्या बदला लेंगे सूर्या? जानिए पूरा मामला
टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अब सुपर 8 के आखिरी चरण में चरम पर पहुंच गया है। ग्रुप‑1 में 26 फरवरी के दोनों मैचों ने टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह आसान तो कर दी है, लेकिन दर्दनाक यादें भी दोहरा दी हैं।
टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अब सुपर 8 के आखिरी चरण में चरम पर पहुंच गया है। ग्रुप‑1 में 26 फरवरी के दोनों मैचों ने टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह आसान तो कर दी है, लेकिन दर्दनाक यादें भी दोहरा दी हैं। साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 9 विकेट से धूल चटाई, जबकि टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे पर 72 रन की भारी जीत हासिल करते हुए खुद को फाइनल फोर की रेस में चुनौती देने वाली टीम बना दिया है।
सुपर 8 के हिसाब से अब टीम इंडिया का पूरा फोकस 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स पर होने वाले वेस्टइंडीज के खिलाफ “करो या मरो” वाले मैच पर है। अगर भारत ये मुकाबला जीत जाता है, तो नेट रनरेट के आधार पर उसकी सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की हो जाएगी, लेकिन हारने पर पूरा टूर्नामेंट का अभियान यहीं टूट सकता है।
2016 वाली यादें ताजा
इस साल की ये लड़ाई अकेले रनरेट या पॉइंट टेबल की नहीं, बल्कि 10 साल पुरानी एक दर्दनाक विरासत की भी जंग है। 2016 के T20 विश्व कप में एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन के साथ भारतीय सरजमीं पर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने 7 विकेट से सेंसेशनल जीत दर्ज कर भारत को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।
उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 192/2 का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसमें विराट कोहली ने नाबाद 89 रन और रोहित शर्मा ने 43 रन की तेज पारियां खेली थीं। लेकिन वेस्टइंडीज के सामने ये लक्ष्य भी फीका साबित हुआ, जब लेंडल सिमंस (82 रन) और जॉनसन चार्ल्स (52 रन) ने मिलकर 193 रन के टारगेट को 19.4 ओवर में ही पूरा कर लिया था।
पावर‑हिटर्स का दबदबा
सिमंस के विस्फोटक अंदाज के साथ आंद्रे रसेल ने भी अपनी ताकत दिखाई थी। रसेल ने कुछ ही गेंदों में चौकों‑छक्कों की बौछार कर भारतीय गेंदबाजी को ध्वस्त कर दिया था। उस हार ने न सिर्फ टीम को फाइनल से बाहर किया बल्कि करोड़ों भारतीय प्रशंसकों के दिल में एक गहरा घाव छोड़ दिया, जिसे आज भी याद किया जाता है।
सूर्यकुमार यादव की जिम्मेदारी
अब 2026 के टी20 विश्व कप में यही दर्द भुनाने का मौका सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम के सामने है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम इंडिया ने 20 ओवर में 256/4 का विशाल स्कोर खड़ा करते हुए दिखाया कि बल्लेबाजी लाइन‑अप पूरी तरह से फायर मोड में है, इसके बाद गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 184/6 पर रोक देकर 72 रनों से जीत दर्ज की। इस जीत ने न सिर्फ नेट रनरेट में सुधार किया, बल्कि टीम में विश्वास भी बढ़ाया कि वेस्टइंडीज के बड़े बैटिंग ऑर्डर को भी दबाया जा सकता है।
“करो या मरो” की जंग कोलकाता में
1 मार्च को ईडन गार्डन्स पर होने वाला भारत–वेस्टइंडीज मुकाबला सिर्फ एक टूर्नामेंट मैच नहीं, बल्कि इमोशनल और तकनीकी दोनों स्तरों पर बहुत कुछ दांव पर होगा। अगर भारत हारता है तो 2016 की यादें और गहरी होंगी, लेकिन जीत हासिल करने पर यह मैच न सिर्फ सेमीफाइनल का रास्ता साफ करेगा, बल्कि दर्द का “मरहम” बन सकता है। वह बदला जो 10 साल से अधूरा था।
इसलिए कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जाने वाला यह मैच अब बस एक टी20 विश्व कप का मैच नहीं, बल्कि इतिहास, भावनाओं और आत्मसम्मान की एक “करो या मरो की जंग” बन चुका है, जिसमें भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को आखिरकार वही परीक्षा मिलने वाली है, जो दस साल पहले धोनी की टीम नहीं पार कर पाई थी।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 27 February 2026 at 15:05 IST