अपडेटेड 16 March 2026 at 21:46 IST
'भारत के लोगों की मौत और सैनिकों…', अबरार अहमद को खरीदने पर भड़के सुनील गावस्कर, काव्या मारन की टीम पर तीखा प्रहार
द हंड्रेड लीग (The Hundred) में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर सनराइजर्स लीड्स की टीम पिछले कई दिनों से विवादों में घिरी हुई नजर आई है। अब इस पूरे मामले में टीम इंडिया के पूर्व और दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर की प्रतिक्रिया आई है।
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड (The Hundred) की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा था। गौरतलब है कि सनराइजर्स लीड्स का मालिकाना हक सन ग्रुप, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का भी मालिक है। सनराइजर्स हैदराबाद काव्या मारन की टीम है, जो एक भारतीय हैं।
काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने जब से पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदा है, तब से इस निर्णय को लेकर कई लोग जमकर आलोचन करते नजर आए हैं। कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बावजूद ऐसा फैसला कैसे लिया गया। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व और दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर की तीखी प्रतिक्रिया आई है।
सुनील गावस्कर ने सनराइजर्स लीड्स को क्या बोला?
काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने पर एक अखबार के कॉलम में सुनील गावस्कर ने लिखा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कई सालों से जैसे रिश्ते रहे हैं, जो घटनाएं हुई हैं, उसे देखते हुए लोगों की ओर से ऐसी प्रतिक्रिया आना वाजिब है। आगे उन्होंने बताया कि कैसे 2008 मुंबई हमले के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया था। इसके बाद पुलवामा अटैक 2019 और पहलगाम अटैक 2025 जैसी घटनाओं ने भारत में भावनाओं को और संवेदनशील बना दिया।
ऐसे सिस्टम को पैसा देना सैनिकों की मौत का कारण…
अखबार के कॉलम में सुनील गावस्कर आगे कहा 'भारतीय मालिक इनडायरेक्ट रूप से ऐसे सिस्टम को पैसा दे रहे हैं, जो भारत के सैनिकों और नागरिकों की मौत का कारण बन सकता है। क्या इस तरह के टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा जरूरी है? जिसमें देश के बहुत कम खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।'
सनराइजर्स लीड्स के कोच को घेरा
सुनील गावस्कर आगे कहते हैं कि सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विटोरी शायद इस संवेदनशीलता को ना समझें, लेकिन भारतीय मालिकों को इसका ध्यान रखना चाहिए था। आगे उन्होंने कहा भले ही यह सौदा किसी विदेशी लीग के जरिए हुआ हो, लेकिन अगर फ्रेंचाइजी के मालिक भारतीय हैं, तो यह फैसला संवेदनशील माना जाएगा।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 21:43 IST