अपडेटेड 6 February 2026 at 16:14 IST

Vijaya Ekadashi 2026 Kab Hai: 12 या 13 फरवरी कब है विजया एकादशी का व्रत? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Vijaya Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में विजया एकादशी के दिन व्रत का विशेष महत्व है। अब ऐसे में इस साल यह 12 या 13 फरवरी कब व्रत रखा जाएगा? आइए जानते हैं।

Vijaya Ekadashi 2026 Kab Hai | Image: Freepik

Vijaya Ekadashi 2026 Kab Hai: सनातन धर्म में विजया एकादशी को बेहद सौभाग्यशाली माना जाता है। इस दिन ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजा विधिवत रूप से करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है। साथ ही व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से विजय प्राप्ति के लिए रखी जाती है। अब ऐसे में कई लोग एकादशी तिथि को लेकर कंफ्यूजन में रहते हैं कि विजया एकादशी का व्रत 12 को या 13 को है? आइए जानते हैं।

विजया एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? 

एकादशी तिथि का प्रारंभ – 12 फरवरी दिन गुरुवार, दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से
एकादशी तिथि का समापन – 13 फरवरी दिन शुक्रवार, दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक है। 
इसलिए उदया तिथि के आधार पर विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा।

विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? 

विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में जरूर जान लें। 
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 08 मिनट पर है। 
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक। 
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 12 मिनट तक। 
सर्वार्थ सिद्धि योग - शाम 07 बजे से लेकर शाम 07 बजकर 48 मिनट तक

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विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का महत्व क्या है? 

विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सभी कार्यो में सफलता मिल सकती है। साथ ही अगर किसी जातक के जीवन में किसी तरह कोई कोई परेशानी आ रही है तो यह व्रत सुख-समृद्धि का कारक है। व्यक्ति का भाग्योदय हो सकता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने वकदालभ्य मुनि की आज्ञा से किया था. व्रत के प्रभाव से ही समुद्र ने प्रभु राम और उनकी सेना को मार्ग दिया और लंकापति रावण का वध करके माता सीता से मिलन हुआ था। इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 6 February 2026 at 16:14 IST