अपडेटेड 7 February 2026 at 14:35 IST
Vastu Tips: घर में मंदिर, किचन और बाथरूम की गलत दिशा बन सकती है परेशानी की वजह, जानें वास्तु के सही नियम
Vastu Tips: घर में अगर मंदिर, किचन और बाथरूम गलत दिशा में बना हुआ है, तो इससे बड़ी परेशानी की वजह हो सकती है। आइए आपको बताते हैं वास्तु के सही नियम।
Vastu Tips: कहा जाता है कि घर केवल ईंट और सीमेंट से नहीं बल्कि ऊर्जा से भी बनता है। अगर घर बनवाते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन किया जाए तो घर में हमेशा पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। इसके साथ ही परिवार के लोगों को लाइफ में अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है। वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से के लिए एक विशेष दिशा बताई गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मंदिर, किचन, बाथरूम और सीढ़ियां किस दिशा में बनवाना शुभ माना जाता है।
मंदिर
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर का स्थान काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मंदिर को उत्तर-पूर्व दिशा में बनवाना सबसे शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में मंदिर होने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। ध्यान रखें कि मंदिर कभी भी बेडरूम या बाथरूम के पास नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और इसका असर परिवार के सदस्यों के जीवन पर पड़ सकता है।
किचन
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में किचन दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा में किचन होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। परिवार की हेल्थ पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि किचन के पास या उसके ऊपर बाथरूम नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
बाथरूम
घर में बाथरूम उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में बनवाना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बाथरूम होने से वास्तु दोष की समस्या हो सकती है। मान्यता है कि इन दिशाओं में भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में इन दिशाओं में बाथरूम बनवाने से आर्थिक और मानसिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
सीढ़ियां
वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों की दिशा को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। घर में सीढ़ियां दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनवानी चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को शुभ फल प्राप्त होते हैं और स्थिरता बनी रहती है। पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियां बनवाने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और इसका नकारात्मक प्रभाव घर के माहौल पर पड़ सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 7 February 2026 at 14:07 IST