अपडेटेड 15 March 2026 at 19:09 IST
Surya Grahan 2026: कब लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? नोट करें कब से शुरू होगा सूतक काल
Solar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं दिया। अब लोगों की नजर साल के दूसरे सूर्य ग्रहण पर है।
Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है। इस साल कई महत्वपूर्ण ग्रहण पड़ रहे हैं, जिनमें सूर्य ग्रहण भी शामिल है। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहण के दौरान कई नियमों का पालन करने की परंपरा भी है।
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं दिया। अब लोगों की नजर साल के दूसरे सूर्य ग्रहण पर है। तो चलिए जानते हैं कि यह सूर्य ग्रहण कब लगेगा, इसका समय क्या होगा और क्या भारत में इसका सूतक काल मान्य होगा।
कब लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। खास बात यह है कि इसी दिन हरियाली अमावस्या भी पड़ रही है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
यह सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा। बताया जा रहा है कि यह सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में से दूसरा ग्रहण माना जा रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?
ग्रहण के समय कुछ धार्मिक नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। ऐसे में आप ये काम कर सकते हैं।
- ग्रहण के समय मन ही मन गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए सूर्य मंत्र का जाप करें।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- घर और मंदिर की साफ-सफाई करें।
- देसी घी का दीपक जलाकर भगवान की पूजा करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय कुछ कामों से बचना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान भोजन का सेवन न करें।
- भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें।
- सगाई, विवाह या अन्य शुभ कार्य न करें।
- चाकू, सुई जैसी धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल न करें।
- इसके अलावा तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
- किसी से वाद-विवाद या नकारात्मक बातें न करें।
ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए?
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद भगवान सूर्य की पूजा करें और ताजे फूल अर्पित करें। साथ ही जरूरतमंद लोगों को दान करना और प्रसाद बांटना भी शुभ माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 15 March 2026 at 19:09 IST