अपडेटेड 21 February 2026 at 09:10 IST

Shaniwar Ke Upay: शनि की महादशा से आप भी हैं परेशान तो शनिवार के दिन करें ये खास उपाय, साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव होंगे दूर

Chandra Grahan 2026 Mantras: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। अब ऐसे में इस दिन कुछ ऐसे मंत्र हैं, जिनका जाप करने से उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Shani Chalisa Path | Image: Meta Ai

Shani Chalisa Path: ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसमें शनिवार का दिन बेहद खास माना जाता है। यह दिन शनिदेव को समर्पित है। इस दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो सकती है। आपको बता दें, शनिदेव को कर्मफलदाता कहा जाता है। इनके पास सभी जातकों के कर्मों का लेखा-जोखा होता है।

 उसी हिसाब से यह व्यक्ति को कर्मों का फल देते हैं। अब ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो आइए इस लेख में विस्तार से शनि चालीसा का पाठ करने और उसके नियम के बारे में विस्तार से बताएंगे।

शनिवार के दिन करें शनि चालीसा का पाठ 

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।
दीनन के दुःख दूर करि , कीजै नाथ निहाल ॥1॥
जय जय श्री शनिदेव प्रभु , सुनहु विनय महाराज ।
करहु कृपा हे रवि तनय , राखहु जन की लाज ॥2॥

जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥
चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥

परम विशाल मनोहर भाला । टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला ॥
कुण्डल श्रवन चमाचम चमके । हिये माल मुक्तन मणि दमकै ॥

कर में गदा त्रिशूल कुठारा । पल बिच करैं अरिहिं संहारा ॥
पिंगल, कृष्णो, छाया, नन्दन । यम, कोणस्थ, रौद्र, दुःख भंजन ॥

सौरी, मन्द शनी दश नामा । भानु पुत्र पूजहिं सब कामा ॥
जापर प्रभु प्रसन्न हवैं जाहीं । रंकहुं राव करैं क्षण माहीं ॥

पर्वतहू तृण होइ निहारत । तृणहू को पर्वत करि डारत ॥
राज मिलत वन रामहिं दीन्हयो । कैकेइहुँ की मति हरि लीन्हयो ॥

वनहुं में मृग कपट दिखाई । मातु जानकी गई चुराई ॥
लषणहिं शक्ति विकल करिडारा । मचिगा दल में हाहाकारा ॥

रावण की गति-मति बौराई । रामचन्द्र सों बैर बढ़ाई ॥
दियो कीट करि कंचन लंका । बजि बजरंग बीर की डंका ॥

नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा । चित्र मयूर निगलि गै हारा ॥
हार नौलखा लाग्यो चोरी । हाथ पैर डरवायो तोरी ॥

भारी दशा निकृष्ट दिखायो । तेलहिं घर कोल्हू चलवायो ॥
विनय राग दीपक महँ कीन्हयों । तब प्रसन्न प्रभु ह्वै सुख दीन्हयों ॥

हरिश्चन्द्र नृप नारि बिकानी । आपहुं भरे डोम घर पानी ॥
तैसे नल पर दशा सिरानी । भूंजी-मीन कूद गई पानी ॥

श्री शंकरहिं गह्यो जब जाई । पारवती को सती कराई ॥
तनिक विकलोकत ही करि रीसा । नभ उड़ि गतो गौरिसुत सीसा ॥

पाण्डव पर भै दशा तुम्हारी । बची द्रोपदी होति उधारी ॥
कौरव के भी गति मति मारयो । युद्ध महाभारत करि डारयो ॥

रवि कहँ मुख महँ धरि तत्काला । लेकर कूदि परयो पाताला ॥
शेष देव-लखि विनती लाई । रवि को मुख ते दियो छुड़ाई ॥

वाहन प्रभु के सात सुजाना । जग दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना ॥
जम्बुक सिह आदि नख धारी । सो फल ज्योतिष कहत पुकारी ॥

गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं । हय ते सुख सम्पत्ति उपजावै ॥
गर्दभ हानि करै बहु काजा । सिह सिद्ध्कर राज समाजा ॥

जम्बुक बुद्धि नष्ट कर डारै । मृग दे कष्ट प्राण संहारै ॥
जब आवहिं स्वान सवारी । चोरी आदि होय डर भारी ॥

तैसहि चारि चरण यह नामा । स्वर्ण लौह चाँदी अरु तामा ॥
लौह चरण पर जब प्रभु आवैं । धन जन सम्पत्ति नष्ट करावैं ॥

समता ताम्र रजत शुभकारी । स्वर्ण सर्वसुख मंगल भारी ॥
जो यह शनि चरित्र नित गावै । कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै ॥

अद्भुत नाथ दिखावैं लीला । करैं शत्रु के नशि बलि ढीला ॥
जो पण्डित सुयोग्य बुलवाई । विधिवत शनि ग्रह शांति कराई ॥

पीपल जल शनि दिवस चढ़ावत । दीप दान दै बहु सुख पावत ॥
कहत राम सुन्दर प्रभु दासा । शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा ॥

॥ दोहा ॥

पाठ शनिश्चर देव को, की हों ‘भक्त’ तैयार ।
करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार ॥

॥इति श्री शनि चालीसा॥

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शनि चालीसा का पाठ करने के नियम 

  • शनि चालीसा का पाठ मुख्य रूप से शनिवार को किया जाता है।
  • इसका पाठ हमेशा सूर्यास्त के बाद करना सबसे उत्तम माना जाता है। शनि देव को अंधेरे का स्वामी माना जाता है, इसलिए रात के समय उनकी पूजा अधिक फलदायी होती है।
  • पाठ करते समय अपना मुख पश्चिम दिशा की ओर रखें।
  • आप किसी शनि मंदिर में जाकर या घर के किसी शांत कोने में बैठकर पाठ कर सकते हैं। यदि घर में पाठ कर रहे हैं, तो शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  • शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में काले तिल डालना और भी शुभ होता है।
  • उन्हें काली उड़द, काले तिल या गुड़ का भोग लगाया जा सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 21 February 2026 at 09:10 IST