अपडेटेड 2 January 2026 at 20:30 IST
Makar Sankranti 2026: 14 या 15 जनवरी... कब है मकर संक्रांति? बन रहे 2 दुर्लभ योग एक साथ, जानें सही तिथि
Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति 2026 के दिन स्नान, दान, जप और पूजा से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही एकादशी और दुर्लभ शुभ योगों का संयोग इस पर्व को और भी खास बना रहा है।
Makar Sankranti 2026 Kab Hai: हर साल की तरह साल 2026 में भी मकर संक्रांति को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन बना हुआ है कि यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा या 15 जनवरी को। मकर संक्रांति का भारतीय संस्कृति, धर्म और ज्योतिष में विशेष महत्व होता है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और नए साल के पर्व-त्योहारों की शुरुआत मानी जाती है। तो चलिए जानते हैं मकर संक्रांति 2026 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, दान का महत्व और खास योग।
मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति वह पावन दिन होता है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को ही संक्रांति कहा जाता है, लेकिन सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे शास्त्रों में देवताओं का दिन कहा गया है। उत्तरायण काल को पुण्य, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना जाता है। महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने भी उत्तरायण की प्रतीक्षा कर देह त्याग किया था, इसलिए यह समय मोक्षदायक माना गया है।
मकर संक्रांति 2026 कब है?
साल 2026 में मकर संक्रांति को लेकर भ्रम इसलिए है क्योंकि सूर्य दिन में राशि परिवर्तन कर रहे हैं। मकर संक्रांति की तिथि 14 जनवरी 2026, बुधवार को है। वहीं सूर्य का मकर राशि में गोचर दोपहर 3 बजकर 06 मिनट पर होगा। शास्त्रों के अनुसार, उदया तिथि के आधार पर मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को ही मनाई जाएगी।
मकर संक्रांति पर विशेष संयोग
इस बार मकर संक्रांति पर एक खास धार्मिक संयोग बन रहा है। 14 जनवरी 2026 को षटतिला एकादशी भी है यानी एक ही दिन सूर्य देव और भगवान विष्णु दोनों की कृपा मिलेगी। एकादशी होने के कारण इस दिन चावल का सेवन न करें, लेकिन दान करना शुभ फल देता है।
दो दुर्लभ शुभ योग
मकर संक्रांति 2026 पर दो बेहद शुभ योग भी बन रहे हैं सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग।
ये योग सुबह 7:15 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 3:03 बजे तक रहेंगे। इन योगों में किया गया स्नान, दान और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
मकर संक्रांति से शुरू होंगे शुभ कार्य
सूर्य के धनु राशि में रहते समय खरमास लगता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। लेकिन जैसे ही सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास समाप्त हो जाता है और शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और सगाई जैसे मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं।
मकर संक्रांति 2026 इस बार 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान, दान, जप और पूजा से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही एकादशी और दुर्लभ शुभ योगों का संयोग इस पर्व को और भी खास बना रहा है। यह पर्व हमें संदेश देता है कि जैसे सूर्य उत्तर की ओर बढ़ता है, वैसे ही हमें भी अज्ञान से ज्ञान और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 2 January 2026 at 20:30 IST