अपडेटेड 3 February 2026 at 18:23 IST

Mahamrityunjaya Mantra Jaap: महाशिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से पहले जान लें नियम और फायदे

Mahamrityunjaya Mantra Jaap: महाशिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व है। अब ऐसे में आइए आपको जाप करने के सही नियम और फायदे के बारे में बताएंगे।

Mahamrityunjaya Mantra Jaap | Image: Freepik

Mahamrityunjaya Mantra Jaap:  महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न जतन करते हैं, लेकिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप एक ऐसा आध्यात्मिक कवच है जो साधक को अकाल मृत्यु के भय से मुक्त कर जीवनदान देता है। 
ऋग्वेद के इस सिद्ध मंत्र को 'संजीवनी मंत्र' भी कहा जाता है। यदि आप इस महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने की योजना बना रहे हैं, तो इसके नियम और फायदों को समझना अत्यंत आवश्यक है। आइए आपको महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के नियम और फायदे के बारे में विस्तार से बताएंगे।

महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप 

मंत्र  - ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के नियम

  • जाप शुरू करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। महाशिवरात्रि पर यदि संभव हो तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • जाप के लिए हमेशा ऊन या कुश के आसन का प्रयोग करें। जमीन पर सीधे बैठकर जाप करना वर्जित माना गया है।
  • भगवान शिव के मंत्रों के लिए रुद्राक्ष की माला अनिवार्य है। ध्यान रहे कि माला को गोमुखी बैग में रखकर ही जाप करें ताकि वह दूसरों को दिखाई न दे।
  • जाप की संख्या निर्धारित होनी चाहिए। आमतौर पर 108 बार या सवा लाख बार का संकल्प लिया जाता है। बीच में जाप छोड़ना या संख्या कम करना उचित नहीं है।
  • महाशिवरात्रि के दिन और जाप की अवधि के दौरान तामसिक भोजन प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा परहेज करें।

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महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के फायदे क्या हैं?  

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से व्यक्ति की अकाल मृत्यु का योग टल जाता है। यह मंत्र असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक है। जो लोग तनाव या डिप्रेशन से गुजर रहे हैं, उनके लिए यह मंत्र किसी वरदान से कम नहीं है।
कुंडली में मौजूद 'शनि' और 'राहु-केतु' के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र रामबाण माना जाता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 3 February 2026 at 18:23 IST