अपडेटेड 11 February 2026 at 16:23 IST
Mahashivratri 2026 Puja: महाशिवरात्रि के दिन नहीं जा पा रहे हैं मंदिर तो घर पर इस तरह करें भगवान शिव की पूजा, जानें सही नियम
Mahashivratri 2026 Puja: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर सकती है। अब ऐसे में अगर आप महाशिवरात्रि के दिन मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर किस तरह पूजा करने से लाभ हो सकता है? आइए जानते हैं।
Mahashivratri 2026 Puja: महाशिवरात्रि का महापर्व भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। वहीं इस साल महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन चारों ओर 'हर-हर महादेव' की गूंज होती है और मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। लेकिन, कई बार स्वास्थ्य कारणों, भीड़ या अन्य मजबूरियों की वजह से हम मंदिर नहीं जा पाते हैं, इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अब घर पर भी महादेव की पूजा विधिवत रूप से कर सकते हैं।
आइए इस लेख में विस्तार से महाशिवरात्रि के दिन घर पर महादेव की पूजा विधि और नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन घर पर महादेव की पूजा करने के नियम
- भगवान शिव की पूजा के लिए पवित्रता सबसे अनिवार्य है। मंदिर न जा पाने की स्थिति में आप अपने घर के ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व दिशा जहां आप पूजा-पाठ करते हैं। वहीं की साफ-सफाई करें।
- भगवान शिव की पूजा में कभी भी हल्दी और तुलसी के पत्तों का प्रयोग न करें।
- पौराणिक कथाओं के अनुसार शिव जी को केतकी का फूल चढ़ाना वर्जित है।
- महादेव के अभिषेक में शंख का उपयोग नहीं किया जाता है।
- यदि आप शिवलिंग की परिक्रमा कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि 'सोमसूत्र' को नहीं लांघना चाहिए।
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा किस विधि से करें?
- यदि आपके पास शिवलिंग है, तो अभिषेक पूजा का सबसे महत्वपूर्ण है।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें।
- शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाएं। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। अंत में शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।
- महादेव को सफेद चंदन का तिलक लगाएं। ध्यान रहे कि शिव पूजा में रोली या सिंदूर का प्रयोग नहीं किया जाता हैं। अक्षत बिना टूटे हुए चावल अर्पित करें।
- 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए 3, 5 या 11 बेलपत्र चढ़ाएं। बेलपत्र का चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर होना चाहिए। इसके अलावा धतूरा, मदार के फूल और शमी पत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ होता है।
- शिव जी को ऋतु फल, मेवे या सफेद मिठाई का भोग लगाएं। धूप और गाय के घी का दीपक जलाकर आरती करें।
- यदि घर में शिवलिंग नहीं है, तो आप मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा कर सकते हैं और अगले दिन उसे विसर्जित कर दें। यह शास्त्रों में सर्वोत्तम बताया गया है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 11 February 2026 at 16:15 IST