"कृष्ण उनका नाम है...", इंद्रेश उपाध्याय और सुरभि तिवारी की आवाज में भगवान श्रीकृष्ण का वंदन; हृदय को छू लेने वाला भजन

आप भी भक्ति के सागर में डूबना चाहते हैं और श्री कृष्ण की शीतल छाया का अनुभव करना चाहते हैं, तो "कृष्ण उनका नाम है" भजन को एक बार जरूर सुनें। यह आपके हृदय को भक्ति के अनूठे रंग में रंग देगा।

श्री कृष्ण भजन | Image: Social Media

भक्ति की दुनिया में जब शब्द और स्वर का सही मिलन होता है, तो वह सीधे आत्मा को छू लेता है। हाल ही में रिलीज हुआ भजन "कृष्ण उनका नाम है" कुछ ऐसा ही अनुभव लेकर आया है। भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करता यह भजन सोशल मीडिया और भक्तों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

मधुर आवाज और दिव्य अनुभव

इस भजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और मधुरता है। इसे प्रख्यात कथावाचक श्री इंद्रेश उपाध्याय जी और सुरभि तिवारी जी ने अपनी सुरीली आवाज़ों से सजाया है। महाराज जी के स्वर में जो शीतलता और गहराई है, वह सुनने वाले को एक अलग ही शांति का अनुभव कराती है। उनकी आवाज में श्रद्धा और समर्पण का ऐसा संगम है कि हर शब्द में श्री कृष्ण की साक्षात उपस्थिति महसूस होती है।

कौशल किशोर जी की अद्भुत रचना

इस दिव्य भजन के पीछे कौशल किशोर जी की लेखनी का जादू है। उन्होंने बहुत ही सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में कान्हा के स्वरूप और उनके नाम की महिमा का वर्णन किया है। यह रचना केवल एक गीत नहीं, बल्कि ठाकुर जी के चरणों में एक भावपूर्ण अर्जी है।

क्यों खास है यह भजन?

इंद्रेश जी और सुरभि जी की जुगलबंदी ने भजन को जीवंत बना दिया है। भजन के बोल इतने सरल हैं कि बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई इसे गुनगुनाने लगता है।  यदि आप दिन भर की भागदौड़ के बाद मानसिक शांति चाहते हैं, तो यह भजन आपके मन को सुकून देने वाला है।

भक्तों का जुड़ाव

ठाकुर जी की असीम कृपा से तैयार यह भजन अब भक्तों के लिए उपलब्ध है। लोग इसे केवल सुन ही नहीं रहे, बल्कि इसके माध्यम से श्री कृष्ण के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा को भी व्यक्त कर रहे हैं।  "हर सुर में श्रद्धा, हर शब्द में समर्पण और हर भाव में कान्हा का वास है।"

यदि आप भी भक्ति के सागर में डूबना चाहते हैं और श्री कृष्ण की शीतल छाया का अनुभव करना चाहते हैं, तो "कृष्ण उनका नाम है" भजन को एक बार जरूर सुनें। यह आपके हृदय को भक्ति के अनूठे रंग में रंग देगा।

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Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 26 April 2026 at 20:09 IST