अपडेटेड 10 January 2026 at 14:55 IST

Hindu New Year 2026: हिंदू नव वर्ष में इस साल होंगे 13 महीने, बनने जा रहा है बेहद दुर्लभ संयोग; जानें महत्व

Hindu New Year 2026: हिंदू कैलेंडर के हिसाब से हिंदू नव वर्ष यानी विक्रम संवत में कुल 13 महीने पड़ने वाले है और इसमें बेहद खास योग भी बनने जा रहा है। आइए जानते हैं कि इसका महत्व क्या है?

Hindu New Year 2026 | Image: Freepik

Hindu New Year 2026: सनातन धर्म में काल गणना का आधार चंद्रमा और सूर्य पर निर्भर करता है। जहां अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नया साल 1 जनवरी से शुरू होता है, वहीं भारतीय संस्कृति में हिंदू नव वर्ष का आरंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। वर्ष 2026 का हिंदू नव वर्ष, जिसे विक्रम संवत 2083 के नाम से जाना जाएगा, ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशिष्ट और दुर्लभ होने वाला है। 

इस साल पंचांग में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे, जो कई वर्षों में एक बार बनने वाला अद्भुत संयोग है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि हिंदू नववर्ष का आरंभ कब से हो रहा है? कौन से शुभ योग बन रहे हैं और धार्मिक महत्व क्या है?

कब से शुरू हो रहा है हिंदू नव वर्ष 2026?

विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ 19 मार्च, 2026 गुरुवार को होगा। इसी दिन 'गुड़ी पड़वा' और 'उगादि' जैसे पर्व मनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे और मंत्री मंगल देव होंगे, जिससे यह साल ज्ञान और साहस का प्रतीक माना जा रहा है।

इस साल 12 नहीं, 13 महीनों का दुर्लभ संयोग 

साल 2026 में अधिक मास लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ का महीना दो बार आएगा।

  • अधिक ज्येष्ठ मास- 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा। 
  • शुद्ध ज्येष्ठ मास- 22 मई से शुरू होकर जून के अंत तक चलेगा।

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अधिक मास का धार्मिक महत्व क्या है?

अधिक मास को पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस मास का कोई स्वामी ग्रह नहीं था, इसलिए भगवान विष्णु ने स्वयं इसे अपना नाम पुरुषोत्तम दिया। इस महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। अधिक मास को 'मलमास' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

अधिक मास में बन रहा है बेहद खास संयोग

ज्येष्ठ मास के  स्वामी 'मंगल' है और अधिक मास के अधिपति 'विष्णु' हैं। ऐसे में यह दुर्लभ संयोग साहस के साथ धैर्य और धर्म के विजय का प्रतीक बनेगा। यह साल बेहद शुभ माना जा रहा है। 

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 10 January 2026 at 14:53 IST