अपडेटेड 23 January 2026 at 18:53 IST

Basant Panchami Udyapan Vidhi 2026: बसंत पंचमी के दिन व्रत के बाद उद्यापन कैसे करें? जानें पारण विधि और महत्व

Basant Panchami Udyapan Vidhi 2026: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा विधिवत रूप से की जाती है और उसके अगले दिन उद्यापन करने का विधान है। अब ऐसे में पारण किस विधि से करें और पूजा का महत्व क्या है? आइए इस लेख में जानते हैं।

Basant Panchami Udyapan Vidhi 2026 | Image: Freepik

Basant Panchami Udyapan Vidhi 2026: भारत में बसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। साल 2026 में बसंत पंचमी का महापर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। कई श्रद्धालु इस दिन विद्या की देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। किसी भी व्रत की पूर्णता उसके 'उद्यापन' और सही 'पारण' से होती है।यदि आपने भी इस वर्ष बसंत पंचमी का व्रत रखा है या आप लंबे समय से यह व्रत करते आ रहे हैं और अब इसका उद्यापन करना चाहते हैं तो इस लेख को जरूर पढ़ें।

बसंत पंचमी उद्यापन विधि क्या है? 

  • उद्यापन के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें। संभव हो तो गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र पहनें।
  • पूजा स्थान पर एक चौकी बिछाएं, उस पर पीला कपड़ा रखें और माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। एक कलश की स्थापना करें जिसमें जल, अक्षत और सिक्का हो।
  • उद्यापन में हवन का विशेष महत्व है। 'ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का जाप करते हुए हवन सामग्री, घी और पीले मीठे चावल से आहुति दें।
  • उद्यापन के समय 5 या 7 सुहागिन महिलाओं या बटुकों को भोजन कराएं। उन्हें पीले फल, पीली मिठाइयां और शिक्षा से जुड़ी सामग्री दान करें।
  • बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह से दोपहर तक रहता है। पूजा संपन्न होने और आरती के बाद ही पारण करना चाहिए।
  • पारण से पहले सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

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बसंत पंचमी का क्या महत्व है? 

हिंदू धर्म में बसंत पंचमी को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना और मां सरस्वती को पीले पुष्प व भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है। माना जाता है कि जो भक्त विधि-विधान से यह व्रत करते हैं, उन्हें वाणी की मधुरता, बुद्धि की प्रखरता और करियर में सफलता प्राप्त होती है।

 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 23 January 2026 at 18:15 IST