'मैं आपके पुण्य का आधा हिस्सा चुरा रहा हूं...', PM मोदी ने 'सेवा संकल्प यात्रा' के युवाओं से क्यों कहा ऐसा?
पीएम मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से कहा कि वे उन्हें प्रणाम करके उनके पुण्य का आधा हिस्सा चुरा रहे हैं। उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए ऐसा कहा।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 'सेवा यात्रा' के प्रतिभागियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि माना जाता है कि जब कोई यात्रा से लौटता है और आप उसे प्रणाम करते हैं, तो उसकी यात्रा के पुण्य का आधा हिस्सा आपको मिल जाता है। इसीलिए आज इन सभी 'सेवा यात्रियों' को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा 'चुरा' रहा हूं।
पीएम मोदी के इतना कहते ही पूरा माहौल हंसी-खुशी से भर गया और कार्यक्रम में जुड़े युवा मुस्कुराते हुए तालियां बजाने लगे।
एक मेरी जन्मभूमि और दूसरी कर्मभूमि- PM मोदी
उन्होंने आगे कहा कि मैं सेवा संकल्प यात्रा और इससे जुड़े सभी युवा साथियों का अभिनंदन करता हूं। वडनगर और वाराणसी दोनों ही पुरातन ऐतिहासिक शहर हैं। ये दोनों हजारों साल से जीवंत हैं। मेरे लिए एक मेरी जन्मभूमि और दूसरी कर्मभूमि है। काशी में बाबा विश्वनाथ जी का आशीर्वाद है और वडनगर हटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है। आप सभी इन दोनों शहरों के बीच सेवा का इतना बड़ा अभियान चला रहे हैं। अभी मुझे कुछ साथियों से बात करने का मौका भी मिला। जो वडनगर से निकले हैं और वाराणसी की तरफ बढ़ रहे हैं। आपका अनुभव सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं भी आपके साथ-साथ चल रहा हूं।
हम राष्ट्र निर्माण के लिए निकले हुए लोग- PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सेवा भाव से काम कर रहे हैं। जब सेवा का भाव होता है, तब करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज मिलता है। जब सेवा का भाव होता है, तो आयुष्मान योजना जन्म लेती है और इन दोनों शहरों से निकलते हुए आप लोगों ने रास्ते भर में देखा होगा कि सेवा के कामों को हमने कैसे आगे बढ़ाया है। राजनीति, चुनाव, शासन व्यवस्थाएं अपनी जगह पर हैं। लेकिन हम तो राष्ट्र निर्माण, विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकले हुए लोग हैं। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में हमें युवाशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका को एकदम से मजबूती के साथ आगे बढ़ाना है।
विकसित भारत की निर्माता युवा पीढ़ी- PM
वह कहते हैं कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और यही पीढ़ी एक बड़ी लाभार्थी भी होगी। इस दायित्व को निभाने के लिए भारत को जमीन पर जानना, समझना, देश की हर बारीकियों को अनुभव करना, अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों से मिलना, उनके सपनों से परिचित होना, उनकी आकांक्षाओं को समझना, उनकी बातों को जानना होगा। ये सारी बातें बहुत जरूरी हैं और इसमें सेवा संकल्प यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन में अहम भूमिका निभाने वाली है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 24 September 2026 at 11:01 IST