'आप श्रीकृष्ण, मैं आपका सुदामा...' पीएम मोदी के जन्मदिन पर वडनगर के दोस्त का इमोशनल लेटर, लिखा- नरेंद्र भाई बचपन से ही दृढ़ निश्चयी थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के विशेष अवसर पर, उनके बचपन के अभिन्न मित्र शामलदास मोदी ने उन्हें एक बेहद भावुक पत्र लिखकर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजी। इस पत्र में उन्होंने अपनी दशकों पुरानी यादों को ताजा करते हुए एक सच्चे मित्र की तरह पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर ऊर्जा की कामना की है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के खास अवसर पर उनके गृहनगर वडनगर से एक बेहद भावुक संदेश सामने आया है। उनके बचपन के मित्र शामलदास मोदी ने एक पत्र लिखकर उन्हें जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं दी हैं। इस खत में एक ऐसे दोस्त की भावनाएं छिपी हैं, जिसने देश के सबसे बड़े नेता को उनके बचपन से देखा और समझा है। शामलदास ने अपनी और प्रधानमंत्री की मित्रता की तुलना भगवान कृष्ण और सुदामा से करते हुए इस रिश्ते की गहराई को बयां किया है।
कृष्ण-सुदामा जैसी अटूट मित्रता का बताया उदाहरण
पत्र का सबसे मार्मिक हिस्सा वह है, जहां शामलदास खुद को 'सुदामा' और प्रधानमंत्री मोदी को अपना 'श्रीकृष्ण' बताते हैं। वक्त के साथ नरेंद्र मोदी का सफर नई ऊंचाइयों को छूता गया, लेकिन शामलदास के लिए बचपन का वह रिश्ता आज भी उतना ही खास है। वे लिखते हैं कि एक समय उनके साथ खेलने वाला दोस्त आज पूरे देश की जिम्मेदारी संभाल रहा है, जिसे देखकर उन्हें बेहद गर्व होता है।
नरेंद्र भाई बचपन से ही थे दृढ़ निश्चयी
अपने खत में शामलदास ने नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन के संघर्षों और उनके मजबूत इरादों का गहराई से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र भाई बचपन से ही मजबूत इच्छाशक्ति वाले इंसान रहे हैं। एक सामान्य परिवार से निकलकर वैश्विक स्तर पर भारत का डंका बजाने के पीछे उनका यही दृढ़ स्वभाव और निस्वार्थ सेवा भाव रहा है। शामलदास का कहना है कि वे जो एक बार ठान लेते हैं, उसे हर हाल में पूरा करके ही दम लेते हैं।
वडनगर का विकास और मातृभूमि से प्रेम के बारे में भी लिखा
शामलदास ने वडनगर के विकास के लिए भी प्रधानमंत्री का विशेष आभार जताया। उन्होंने लिखा कि जिस मिट्टी में दोनों ने साथ खेलकर अपना बचपन बिताया, आज उसी वडनगर को पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है। यह मातृभूमि के प्रति प्रधानमंत्री के अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाता है।
'नूतन भारत के शिल्पकार' के लिए प्रार्थनाएं
25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए शामलदास ने पीएम मोदी को 'नूतन भारत का शिल्पकार' करार दिया। अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया में आज भारत का जो सम्मान बढ़ा है, उन्होंने उसे अपने दोस्त की बड़ी कामयाबी बताया है। अंत में, एक सच्चे मित्र की तरह शामलदास ने वडनगर के आराध्य देव भगवान हाटकेश्वर महादेव से प्रार्थना की है कि वे प्रधानमंत्री को सदैव स्वस्थ रखें, दीर्घायु प्रदान करें और देशसेवा की शक्ति देते रहें।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 17 September 2026 at 07:13 IST