PM Modi Birthday Special: वडनगर चाय की दुकान से पीएम की कुर्सी तक... PM मोदी के जीवन के बड़े पड़ाव, जब ग्लोबल मंच पर गूंजा- Modi is the boss

PM Modi Birthday Special: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के उपलक्ष में भाजपा 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। वडनगर चाय की दुकान से PM की कुर्सी तक सफर किसी अनहोनी कहानी से कम नहीं है।

PM Modi Birthday Special political journey
PM Modi Birthday: PM मोदी के जीवन के बड़े पड़ाव, जब ग्लोबल मंच पर गूंजा- Modi is the boss | Image: X/Republic

PM Modi Birthday Special: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के उपलक्ष में भाजपा 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। पीएम मोदी के जीवन के फ्लैशबैक में जाएं तो यह समझ में आएगा कि उनकी जिंदगी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है। गुजरात के वडनगर में चाय की दुकान से PM की कुर्सी तक पहुंचने का पीएम मोदी का सफर लोगों के लिए एक प्रेरणादायी कहानी से कम नहीं है।

गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर के रेलवे स्टेशन पर अपने पिता के साथ चाय बेचने वाला एक साधारण बालक एक दिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र यानी भारत का प्रधानमंत्री बन जाएगा, यह कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। लेकिन पीएम मोदी की जिंदगी में संघर्ष, अनुशासन और कड़ी मेहनत ने इस मुमकिन कर दिखाया। भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले पीएम मोदी के जीवन और राजनीतिक सफर के कुछ सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पड़ाव नजर पर डालते हैं।

पहली बार 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला। इस दौरान 2002, 2007 और 2012 में लगातार 3 बार गुजरात विधानसभा में जीत दर्ज की। राष्ट्रीय राजनीति में आने से पहले उन्होंने 12 वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री के पद पर कार्य किया। इस दौरान गुजरात मॉडल को उन्होंने खूब आगे बढ़ाया और उन्होंने गुजरात में विकास के एक नए चरण की शुरुआत दी।

2014 में गुजरात के CM से नई दिल्ली तक

पीएम मोदी के जीवन के सबसे बड़े पड़ाव में से एक 2014 का आम चुनाव है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और तीन दशकों के बाद देश में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला। नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के साथ 2014 में 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने कई अहम फैसले लिए। जैसे-नोटबंदी का फैसला।

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2019 में दूसरी बार पीएम बने-अनुच्छेद 370 हटा

साल 2014 में जहां पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 नोटबंदी का का फैसला लिया वहीं, दूसरी बार पीएम बनते ही उन्होंने अनुच्छेद 370 पर ध्यान दिया। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर उसे देश की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ा। वहीं, 2017 में उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया, जिसके तहत कई राज्य और केंद्रीय करों को एक एकीकृत कर प्रणाली फायदा मिला।

2020-2022 में कोविड प्रबंधन में दुनिया ने दी दाद

पीएम मोदी ने 2020-2022 की अवधि के दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया का नेतृत्व भी किया, जिसमें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन और बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शामिल थे। इस अवधि में भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, विशेष रूप से यूपीआई में तीव्र वृद्धि भी देखी गई।

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ग्लोबल मंच पर बजता भारत का डंका, "Modi is the boss"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला। 23 मई, 2023 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने 20,000 भारतीय समुदाय के सामने खुले मंच से पीएम मोदी की तारीफ की थी।

उस समय ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा था पिछली बार मैंने इस स्टेज पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था और उन्हें वैसा स्वागत नहीं मिला था जैसा प्रधानमंत्री मोदी को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ही बॉस हैं। "Prime Minister Narendra Modi is the boss"।

2024 में राम मंदिर और तीसरी बार PM

पीएम नरेंद्र मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान उन्होंने घरेलू योजनाओं के अलावा, विदेश नीति पर सबसे अधिक ध्यान दिया। उन्होंने नेतृत्व में कई दशकों से चली आ रही राम मंदिर का विवाद खत्म हुआ और अंतः अयोध्या में राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा हुआ।

नई दिल्ली 2026 ब्रिक्स सम्मेलन

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री कार्यकाल ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू के निरंतर सेवाकाल के पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाना जारी रखा है। हाल में ही भारत ने ब्रिक्स 2026 का नेतृत्व किया, जहां भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और संतुलित रहा। इस दौरान पूरी दुनिया ने भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक मजबूती को स्पष्ट रूप से महसूस किया है।  

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 Sahitya Maurya
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