'आज ही के दिन हमने परमाणु परीक्षण किया था तो दुनिया की आंखें लाल हो गईं', PM मोदी बोले- सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना साधारण अवसर नहीं था

PM Modi Somnath Mandir Visit: सोमनाथ अमृतपर्व में पीएम मोदी ने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि भारत के परीक्षण से दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना को भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।

PM Modi Somnath Mandir Visit | Image: ANI

PM Modi Somnath Mandir Visit: गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृतपर्व’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश के पहले परमाणु परीक्षण ‘ऑपरेशन शक्ति’ को याद करते हुए भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति और सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण के बाद दुनिया की बड़ी ताकतों ने भारत को दबाने की कोशिश की थी, लेकिन देश डटा रहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई 1998 को आज ही के दिन भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। हमारे वैज्ञानिकों ने दुनिया को भारत की क्षमता दिखाई और दुनिया में तूफान आ गया। दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं।”

उन्होंने कहा कि परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन देश पीछे नहीं हटा। पीएम ने कहा, “भारत के लिए सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे। दुनिया भर की शक्तियां भारत को दबोचने मैदान में उतर गई थीं, लेकिन हम किसी और मिट्टी के बने हैं। हम डरे नहीं, डटे रहे।”

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना को बताया ऐतिहासिक क्षण

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 75 साल पहले सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना केवल धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत की स्वतंत्र चेतना का प्रतीक था। उन्होंने कहा, “1947 में देश आजाद हुआ और 1951 में सोमनाथ की प्राण-प्रतिष्ठा ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत केवल स्वतंत्र नहीं हुआ है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी पुनर्जीवित कर रहा है।”

उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 500 से अधिक रियासतों को जोड़कर एक भारत का निर्माण किया और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के जरिए सांस्कृतिक गौरव को भी नई पहचान दी। 

‘जिसके नाम में ही सोम हो, उसे कौन नष्ट कर सकता है’

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भगवान शिव और शक्ति की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति विनाश के बाद भी पुनर्जीवित होने की ताकत रखती है। उन्होंने कहा, “लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर को कई बार मिटाने की कोशिश की, लेकिन मंदिर हर बार फिर खड़ा हो गया। क्योंकि वे हमारे वैचारिक सामर्थ्य को नहीं समझ पाए।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपने परमाणु परीक्षण का नाम ‘ऑपरेशन शक्ति’ रखा था, क्योंकि भारतीय परंपरा में शिव और शक्ति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने Pokhran-II और चंद्रयान मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि “चंद्रयान मिशन में जिस स्थान पर रोवर उतरा, उसका नाम शिवशक्ति पॉइंट रखा गया। हमारी आस्था में चंद्रमा शिव से जुड़ा है और इसलिए इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ पड़ा।”

सोमनाथ अमृतपर्व कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को पीले और केसरिया फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शंखनाद, डमरू वादन और पारंपरिक कलश नृत्य भी आयोजित किए गए।

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Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 11 May 2026 at 13:45 IST