Census 2027: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया स्व-गणना प्रक्रिया, भारत की प्रथम नागरिक ने भी डिजिटल जनगणना में लिया हिस्सा
Census 2027: भारत की 16वीं जनगणना एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ शुरू हो गई है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर 'स्व-गणना' प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
Census 2027: भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में बुधवार को देश की 16वीं और आजादी के बाद 8वीं जनगणना (Census 2027) का शुभारंभ हुआ। इस बार की जनगणना बेहद खास है क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल होने वाली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर 'स्व-गणना' की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर PM मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे इस टेक्नोलॉजी का लाभ उठाएं और भारत को सशक्त बनाने वाली इस गणना में अपनी भागीदार बनें।
राष्ट्रपति भवन और PMO से शुरू हुई प्रक्रिया
देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में गृह सचिव और जनगणना आयुक्त की मौजूदगी में वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भरी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है।
पीएम ने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल डेटा जुटाने का तरीका है, बल्कि यह देश के नागरिकों को अपने घर-परिवार की जानकारी खुद दर्ज करने का अधिकार भी देती है। उनके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी ऑनलाइन फॉर्म भरकर इस अभियान को गति दी।
दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना
सेंसस 2027 को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण (Phase-I) में 'मकान सूचीकरण और आवास जनगणना' (House Listing and Housing Census) का कार्य होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।
खास बात यह है कि घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले कर्मचारियों के आने से 15 दिन पहले नागरिकों के पास 'स्व-गणना' का विकल्प मौजूद रहेगा। अगर नागरिक खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर देते हैं, तो उन्हें एक विशेष पहचान संख्या (ID) मिलेगी, जिसे बाद में जनगणना कर्मचारी को दिखाना होगा।
किन राज्यों से हुई शुरुआत?
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (NDMC और कैंट क्षेत्र) समेत 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, लक्षद्वीप, मिजोरम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। ओडिशा के राज्यपाल, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने भी पोर्टल पर अपनी जानकारी भरकर इस अभियान का नेतृत्व किया।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 22:50 IST