सूर्यपथ तिरंगा, नशा मुक्त भारत और यूपी के एक गांव से लेकर महानायक उत्तम कुमार तक...यह‍ां पढ़ें पीएम मोदी ने Mann Ki Baat में क्या-क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के 137वें एपिसोड को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा, 'मन की बात' एक ऐसा मंच है, जहां हम नए प्रयासों को सामने लाते

Mann Ki Baat PM Modi | Image: X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के 137वें एपिसोड को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा, 'मन की बात' एक ऐसा मंच है, जहां हम नए प्रयासों को सामने लाते हैं। देशवासियों के Innovative Ideas पर चर्चा करते हैं। इनमें से कितने ही Ideas ऐसे होते हैं जिनके पीछे लोगों ने जीवन की अथक ऊर्जा लगाई होती है। पीएम मोदी ने कहा,  कुछ समय पहले social media पर किसी ने लिखा था “आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतिहास को रोचक बनाने के अपने प्रयास का शुभारंभ कर रहा हूँ।”

उन्होंने आगे बताया ये idea बहुत ही simple है। आप इस website पर जाएँ और कोई भी एक वर्ष चुन लें। यहाँ आपको आसानी से पता चलेगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। मुझे भी यह काफी दिलचस्प लगा। मैंने सोचा कि इसके बारे में और अधिक जानकारी ली जाए। मुझे पता चला कि ये काम मुंबई में रहने वाले कृष्णा शेषाद्री जी ने किया है। मजे की बात ये है कि कृष्णा जी ने website का नाम भी बहुत simple रखा है www.bharatrajya.com उन्होंने जो प्रयास किया है, उसकी जानकारी आप लोगों तक भी जरूर पहुंचनी चाहिए। पीएम मोदी ने कृष्णा शेषाद्री से फोन पर बात कर उनके अनुभवों को भी शेयर किया।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’

पीएम मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा, यह अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है – नशा मुक्त युवा, Drug Free India। बहुत सारे लोग, विशेषकर हमारे युवा बहुत बड़ी संख्या में इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर यह भारत के युवाओं की health, उनकी happiness और उज्ज्वल भविष्य के लिए ही हमारा सामूहिक संकल्प है।

पीएम ने कहा, नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को अपने लपेटे में नहीं लेती, इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। मैं उन लोगों की सराहना करूंगा जो drugs के खिलाफ दूसरों को जागरूक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद में आगे आते हैं। नशा मुक्त भारत के लिए क्या आप कोई powerful slogan बना सकते हैं? क्या हमारे young musicians ऐसे songs बना सकते हैं, जिनमें drug free life का message हो? क्या students और theatre groups दिल को छू लेने वाले short plays लिख सकते हैं जिनमें drugs के खतरों के साथ-साथ उनसे बाहर निकलने का रास्ता भी हो।

हमारे देश में बेहतरीन content creaters की कमी नहीं हैं। मेरा आग्रह है कि वे अलग-अलग भाषाओं में ऐसा content बनाएं जिससे इस दिशा में समाज को मदद मिले। आप अपने प्रयासों को Hashtag के साथ social media पर भी जरूर share करें। कई बार creative effort formal campaign से ज्यादा असरदार होते हैं। आइए, भारत के युवा को नशे से दूर रखने, नशे से मुक्त रखने - इस पवित्र कार्य में हम सब अपनी भूमिका निभाएं। आप अपने प्रयास को #नशा मुक्त युवा के साथ social media पर भी जरूर share करें।

‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए हमारा तिरंगा दुनिया-भर की एक अनोखी यात्रा पर निकला- पीएम मोदी


पीएम मोदी ने आगे कहा, अगस्त के महीने में हमें हर तरफ देशभक्ति के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। इस समय हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र-प्रेम की भावना और प्रबल हो जाती है। ‘National Handloom Day’ और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ से लेकर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसे खास बनाते हैं। ‘स्वतंत्रता दिवस’ और ‘National Space Day’ इसके अवसर तो हर देशवासी को गर्व से भर देते हैं। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ इस भावना को और मजबूत करता है। ‘वंदे मातरम्’ के डेढ़-सौ वर्ष पूरे होने से यह साल और भी विशेष बन गया है। इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा selfie upload की गई और तिरंगे का ये उत्सव केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा - इस साल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए हमारा तिरंगा दुनिया-भर की एक अनोखी यात्रा पर निकला।

Fiji के सुवा में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया। इसके बाद Asia, Africa, Europe और फिर America के San Francisco तक Indian Missions और Posts पर तिरंगा लहराता गया। आप कल्पना कर सकते हैं, ये दृश्य कितने अद्भुत रहे होंगे। जैसे-जैसे दुनिया-भर में सूरज आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भारतीय तिरंगा भी लहराता गया। ऐसे प्रयास समाज को एक सूत्र में पिरोते हैं। इनसे देश के साथ भी हमारा जुड़ाव और गहरा होता है। इन प्रयासों में शामिल सभी लोगों को मेरी बहुत-बहुत बधाई।              

‘PM स्वनिधि योजना’ से नई ताकत मिली

पीएम मोदी ने कहा, हमारे शहरों और कस्बों की सड़कों पर रोज सुबह से शाम तक, लाखों महिलाएं अपने-अपने काम में जुटी रहती हैं। कोई सब्जी बेचती है, कोई फल, कोई चाय का ठेला लगाती है, तो कोई फूल, दिये और पूजा की सामग्री बेचती हैं। कई बार, बस थोड़ी सी पूंजी की कमी, इनके कारोबार को आगे बढ़ने से रोक देती है। लेकिन अब ऐसी लाखों माताओं-बहनों को ‘PM स्वनिधि योजना’ से नई ताकत मिल रही है। ‘महिला सशक्तिकरण’ के इस पहलू की उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए। ‘PM स्वनिधि योजना’ की लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।


गाजियाबाद की बबीता शर्मा जी, इसका बहुत अच्छा उदाहरण है। बबीता जी, पूजा की सामग्री का एक छोटा सा stall लगाती थीं। फूल, दिये, अगरबत्ती, नारियल जैसी चीजें बेचकर, वो अपने परिवार की आजीविका में हाथ बंटाती थीं। मेहनत खूब थी, लेकिन कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। ‘PM स्वनिधि’ से उन्हें आर्थिक मदद मिली। उन्होंने अपने stall पर सामान बढ़ाया, कारोबार का विस्तार किया। ग्राहक बढ़े, आमदनी बढ़ी और धीरे-धीरे सड़क किनारे का उनका छोटा सा stall एक दुकान में बदल गया।

उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक गांव का इसलिए किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा, स्वच्छता की एक बहुत बड़ी खूबी होती है। जब किसी जगह को स्वच्छ रखने का संकल्प वहां के लोगों का अपना संकल्प बन जाता है, तो बदलाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता। इससे उस जगह की पूरी पहचान ही बदल जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वच्छता के लिए ऐसे प्रयास, हमें निरंतर प्रेरणा देते हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक गांव है- पटवाई। वहां आकाश और रोहन नाम के दो दोस्तों ने देखा कि उनके आसपास का इलाका गंदगी से भर गया है। बस, फिर क्या था, आकाश और रोहन ने कचरे के बैग उठाए और सफाई के लिए निकल पड़े। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनके साथ जुड़ने लगे। एक Team भी बन गई। जिसका नाम है- ‘क्लीन-अप पटवाई’। ये युवा अब तक चार गंगा घाटों को साफ कर चुके हैं। एक टन से अधिक Plastic कचरा हटा चुके हैं। इन्होंने कितने ही तालाबों और सार्वजनिक जगहों की सफाई की है।

महानायक उत्तम कुमार को पीएम मोदी ने किया याद

पीएम मोदी ने कहा, कुछ ही दिनों में 3 सितंबर को हम महानायक उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाएंगे। साथियो, उत्तम कुमार जी एक versatile actor थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रच-बस गए। Film lovers का मानना है कि श्रीमान सत्यजीत रे ने फिल्म ‘नायक-the hero’ की पूरी script महानायक उत्तम कुमार जी को ध्यान में रखकर लिखी थी। श्रीमान सत्यजीत रे ने कहा था कि उनमें dignity के साथ-साथ अद्भुत emotional depth भी था। किरदार को वो जीवंत बनाने के लिए बहुत मेहनत करते थे। उत्तम कुमार जी अपनी सहजता के साथ ही philanthropy के लिए भी जाने जाते थे।

उनके जीवन से कभी भी हार न मानने की एक और बड़ी सीख भी मिलती है। उनकी शुरुआती फिल्में बहुत नहीं चलीं, लेकिन उन्होंने अपने काम पर focus बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की। साथियो, मुझे ध्यान है कि जब मैं कोलकाता में road show कर रहा था, तो मैं उत्तम कुमार जी के घर के सामने से भी गुजरा था। वहाँ मुझे एक व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर भी भेंट की थी। मैं एक बार फिर महानायक उत्तम कुमार जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे हमेशा हम सब के दिलों पर राज करते रहेंगे।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 30 August 2026 at 13:02 IST