'जो खेले वो खिले, खेलने का मतलब केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं,विकसित भारत...', 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं से बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ कार्यक्रम के तहत देश के युवाओं को संबोधित करते हुए जमीनी स्तर के खेलों से लेकर बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं तक एक आसान रास्ता बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 27 अगस्त को ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ कार्यक्रम के तहत देश के युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि खेल की ताकत और युवाओं की शक्ति को एक साथ मिलाकर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खेल हमें केवल चैंपियन बनना ही नहीं सिखाते, बल्कि बेहतर प्रतियोगी भी बनाते हैं। वहीं, ओलंपिक खेलों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी क्यों जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "आज इस कार्यक्रम में देशभर के एथलीट और खेल जगत के मानभावी हम सबके साथ शामिल हुए हैं। आप सबको पता है कि 2 दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है। मैं आप सभी को इस राष्ट्रीय खेल दिवस की शुमकामनाएं देता हूं। ये दिन मां भारती की एक महान संतान मेजर ध्यानचंद जी को याद करने का भी अवसर होता है। 100 वर्ष पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में मेजर ध्यानचंद भी थे। वो दूर भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंध के 100 वर्ष पूरे होने का आधार है।"
खेलने का मतलब केवल मेडल जीतना नहीं-PM मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जमीनी स्तर के खेलों से लेकर बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं तक एक आसान रास्ता बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "मैंने इस 15 अगस्त को लाल किले से भारत का खेल विजन देश के सामने रखा है। जब मैं खेल की बात करता हूं। तो ये केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है। ये विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेलशक्ति और युवाशक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।"
जो खेले वो खिले,खिलना सिर्फ मैदान में नहीं-PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जो खेले वो खिले और खेल में खिलना सिर्फ मैदान में जीतना नहीं है। खेल में खिलना मतलब व्यक्ति का खिलना और परिवार का खिलना और देश का गौरव बढ़ाना। जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तब वो सफलता केवल उसकी नहीं होती है बल्कि उसकी सफलता से उसके परिवार की पहचान बढ़ती है स्कूल और कॉलेज की प्रतिष्ठा बढ़ती है, जिले और राज्य की पहचान और मजबूत होती है। दुनिया उस खिलाड़ी के नाम से उस शहर या राज्य को पहचानने लगता है।"
ओलंपिक 2036 को लेकर PM मोदी ने युवाओं को दी ये खास सलाह
ओलंपिक पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, इस बार लाल किले से मैंने खेलों से जुड़ी एक बहुत बड़ी चुनौती की तरफ भी देश का ध्यान दिलाया है। ये चुनौती ओलंपिक से जुड़ी हुई है। ओलंपिक्स में जितने अलग-अलग खेल होते हैं। भारत की टीमें उसमें से आधे स्पोर्ट्स में हिस्सा ही नहीं लेती। यानि मेडल टैली के एक बहुत बड़े हिस्से के लिए तो हम कंपीट ही नहीं करते और दशकों से ऐसा ही चला आ रहा है।
"2012 के ओलंपिक्स में भारत ने सिर्फ 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से ज्यादा खेलों में तो भारत की भागीदारी ही नहीं थी, और इनमें से कई सारे खेल तो ऐसे हैं, जिनका नाम तक देश के लोगों ने शायद ही सुना हो। दुनिया के दूसरे देश उन खेलों में मेडल जीतते हैं, और हम उनमें हिस्सा ही नहीं लेते। हमें मेडल टैली बढ़ाने के लिए इन खेलों में भी महारत हासिल करनी ही होगी।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 27 August 2026 at 13:02 IST