अपडेटेड 10 January 2025 at 19:59 IST

एक स्कूली छात्र के रूप में पढ़ाई में कैसे थे मोदी? 'इसके अंदर बहुत टैलेंट है लेकिन...', PM ने खुद खोला बचपन का राज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन के कुछ अनछुए पहलुओं को निखिल कामथ के साथ अपने पहले पॉडकास्ट इंटरव्यू में शेयर किया। उन्होंने बताया वह पढ़ाई में कैसे थे ?

पढ़ाई में कैसे थे PM मोदी? | Image: Youtube / Nikhil Kamath

PM Modi in School : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन के कुछ अनछुए पहलुओं को निखिल कामथ के साथ अपने पहले पॉडकास्ट इंटरव्यू में शेयर किया। जब उनसे पूछा गया कि वह अपने बचपन में कैसे स्टूडेंट थे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे एक सामान्य छात्र थे, लेकिन उनके शिक्षक उन्हें टैलेंटेड मानते थे।

पीएम मोदी ने कहा कि, 'मैं पढ़ाई में सामान्य था, लेकिन मेरे एक शिक्षक मुझ पर खास ध्यान देते थे। एक बार उन्होंने (टीचर) मेरे पिता से कहा इस बच्चे में बहुत टैलेंट है। यह चीजें जल्दी समझता है, लेकिन फिर सब छोड़कर अपनी दुनिया में खो जाता है।' प्रधानमंत्री ने बताया कि वे स्कूल के दौरान कई गतिविधियों में सक्रिय रहते थे और हर क्षेत्र में भाग लेते थे। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों ने उनके जीवन को नई दिशा दी।

दोस्तों और टीचर्स से जुड़ी यादों को किया शेयर 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले पॉडकास्ट इंटरव्यू में बचपन और मुख्यमंत्री बनने के बाद के अनुभवों को शेयर किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तो उनकी दो खास इच्छाएं थीं, एक पुराने दोस्तों से मिलना और दूसरी अपने टीचर्स को सम्मानित करना।

पीएम मोदी ने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पहली इच्छा थी कि वे अपने पुराने दोस्तों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर उनसे मुलाकात करें। उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि मेरे दोस्तों को ऐसा लगे कि मैं बदल गया हूं। मैं वही इंसान हूं जो गांव छोड़कर आया था। उस पल को जीने के लिए मैंने दोस्तों को बुलाने का फैसला किया।'

PC : Video Grab/ X @narendramodi

मेरे जीवन में 'तू' कहने वाला कोई बचा ही नहीं- PM मोदी 

प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने 30-35 पुराने दोस्तों को सीएम आवास बुलाया। रात के खाने पर सभी ने पुरानी यादें ताजा कीं और ढेर सारी बातें कीं। हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी पीएम मोदी को खुशी नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मुझे मजा इसलिए नहीं आया क्योंकि मैं अपने दोस्तों को ढूंढ रहा था, लेकिन वे मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे थे। हमारे बीच का अनौपचारिक रिश्ता खत्म हो चुका था। मेरे जीवन में मुझसे 'तू' कहने वाला कोई बचा ही नहीं था।'

दूसरी इच्छा थी, टीचर्स का सम्मान- PM मोदी 

प्रधानमंत्री ने अपनी दूसरी इच्छा का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में उन सभी टीचर्स का सार्वजनिक रूप से सम्मान करना चाहते थे जिन्होंने उन्हें पढ़ाया। उन्होंने बताया कि, 'मैंने अपने स्कूली जीवन के सभी शिक्षकों को ढूंढा और मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें बुलाकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। मेरा मानना है कि मेरी सफलता में उनके योगदान का बड़ा हिस्सा है।' पीएम मोदी ने यह भी बताया कि उनके एक टीचर ने उन्हें चिट्ठियां लिखीं, जिनमें वे 'तू' कहकर संबोधित करते थे। यह उन्हें बेहद खास लगता था।

परिवार से मुलाकात 

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों को भी बुलाया और उनसे मुलाकात की। यह इंटरव्यू पीएम मोदी के व्यक्तिगत जीवन और उनके संवेदनशील पक्ष को उजागर करता है, जिसमें उन्होंने अपने रिश्तों और उनकी अहमियत के बारे में दिलचस्प अनुभव शेयर किए। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 10 January 2025 at 18:34 IST